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सोने-चांदी की कीमतों में हल्की बढ़त, MCX पर गोल्ड ₹1.40 लाख के पार; ईरान संकट और अमेरिकी महंगाई डेटा पर बाजार की नजर

भारतीय बाजार में मंगलवार, 14 जुलाई 2026 को सोने और चांदी की कीमतों में मामूली तेजी देखने को मिली। मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) पर सोना ₹650 से ज्यादा की बढ़त के साथ ₹1.40 लाख प्रति 10 ग्राम के स्तर से ऊपर कारोबार करता नजर आया। वहीं, चांदी की कीमतों में भी करीब ₹700 की तेजी आई और यह ₹2.18 लाख प्रति किलोग्राम के पार पहुंच गई।

वैश्विक स्तर पर बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव, खासकर अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते विवाद ने कीमती धातुओं को सपोर्ट दिया। हालांकि, बाजार में अभी भी सतर्कता बनी हुई है क्योंकि निवेशकों की नजर अमेरिकी महंगाई आंकड़ों और फेडरल रिजर्व की मौद्रिक नीति के संकेतों पर टिकी हुई है।

MCX पर सोना-चांदी मजबूत, निवेशकों की बढ़ी दिलचस्पी

घरेलू बाजार में सोने की कीमतों में तेजी का मुख्य कारण अंतरराष्ट्रीय बाजार में बढ़ी मांग रही। सुरक्षित निवेश के विकल्प के तौर पर सोने की मांग उस समय बढ़ जाती है जब वैश्विक स्तर पर आर्थिक और राजनीतिक अनिश्चितता बढ़ती है।

MCX गोल्ड फ्यूचर में तेजी के साथ भाव ₹1.40 लाख प्रति 10 ग्राम के ऊपर पहुंच गए, जबकि चांदी ने भी मजबूती दिखाते हुए ₹2.18 लाख प्रति किलोग्राम का स्तर पार किया।

स्पॉट गोल्ड में तेजी, सिल्वर अभी भी दबाव में

अंतरराष्ट्रीय बाजार में स्पॉट गोल्ड की कीमत करीब 0.4% बढ़कर लगभग 4,016 डॉलर प्रति औंस के आसपास पहुंच गई। इससे पहले सोना रातोंरात 4,000 डॉलर के स्तर से नीचे फिसल गया था।

वहीं, स्पॉट सिल्वर में मामूली सुधार देखने को मिला, लेकिन यह अभी भी दबाव में है और करीब 58 डॉलर प्रति औंस के आसपास कारोबार कर रही है।

ईरान संकट से बढ़ी कच्चे तेल की कीमतें

अमेरिका द्वारा ईरानी जहाजों पर दोबारा नाकाबंदी लागू करने और स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से जुड़े कदमों के बाद वैश्विक बाजार में तनाव बढ़ गया है। इस घटनाक्रम के चलते कच्चे तेल की कीमतों में तेज उछाल देखने को मिला।

अमेरिकी WTI क्रूड करीब 80 डॉलर प्रति बैरल और ब्रेंट क्रूड लगभग 85 डॉलर प्रति बैरल के आसपास पहुंच गया। तेल की कीमतों में तेजी से महंगाई और ब्याज दरों को लेकर चिंता बढ़ गई है।

डॉलर में कमजोरी से सोने को मिला सहारा

अमेरिकी डॉलर में हल्की गिरावट ने भी सोने की कीमतों को समर्थन दिया। हालांकि डॉलर इंडेक्स अभी भी मजबूत बना हुआ है और करीब 101.2 के स्तर पर कारोबार कर रहा है।

बाजार की नजर मंगलवार को जारी होने वाले अमेरिकी CPI (महंगाई) आंकड़ों पर है। निवेशकों को उम्मीद है कि महंगाई में कुछ नरमी देखने को मिल सकती है, जिससे अमेरिकी फेडरल रिजर्व की भविष्य की ब्याज दर नीति पर असर पड़ सकता है।

फेड के फैसले पर बाजार की नजर

निवेशक फेडरल रिजर्व चेयर केविन वार्श की अमेरिकी कांग्रेस में होने वाली गवाही पर भी नजर बनाए हुए हैं। बाजार उनके बयानों से आगे की ब्याज दर नीति के संकेत तलाश रहा है।

Trading Economics के अनुसार, फिलहाल बाजार सितंबर में फेड द्वारा ब्याज दरों में बदलाव की संभावना को लेकर सतर्क है। निवेशक महंगाई, रोजगार आंकड़ों और वैश्विक घटनाक्रमों के आधार पर अपनी रणनीति तय कर रहे हैं।

क्या आगे बढ़ेंगे सोने-चांदी के दाम?

विशेषज्ञों के अनुसार, अगर पश्चिम एशिया में तनाव और बढ़ता है तथा डॉलर में कमजोरी जारी रहती है तो सोने और चांदी को आगे भी सपोर्ट मिल सकता है। हालांकि, अमेरिकी महंगाई आंकड़े और फेड की नीति की दिशा आने वाले दिनों में बाजार की चाल तय करने में अहम भूमिका निभाएगी।

फिलहाल निवेशकों की नजर वैश्विक आर्थिक संकेतों, तेल की कीमतों और भू-राजनीतिक घटनाओं पर बनी हुई है।