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कूनो से निकला चीता पहुंचा धौलपुर-करौली, दो मवेशियों का किया शिकार, वन विभाग ने बढ़ाई निगरानी

चंबल के बीहड़ों से होते हुए राजस्थान में दाखिल हुआ चीता

मध्य प्रदेश के कूनो राष्ट्रीय उद्यान से निकला एक चीता चंबल नदी के बीहड़ों से गुजरते हुए अब राजस्थान के धौलपुर-करौली टाइगर रिजर्व क्षेत्र तक पहुंच गया है। यह चीता सरमथुरा उपखंड के रिझोनी वनखंड क्षेत्र स्थित भेड़े का पुरा के घने जंगलों में गुरुवार को देखा गया।

वन विभाग के अनुसार, चीता ने इस दौरान दो दिनों में दो मवेशियों का शिकार भी किया है, जिससे क्षेत्र में सतर्कता बढ़ा दी गई है।


घने जंगलों में कर रहा विचरण, रेडियो कॉलर से निगरानी जारी

डीएफओ वी. चेतन कुमार ने जानकारी दी कि यह चीता वर्तमान में घने जंगलों में विचरण कर रहा है और उसकी लगातार निगरानी की जा रही है। इसके लिए रेडियो कॉलर तकनीक का उपयोग किया जा रहा है।

कूनो और राजस्थान वन विभाग की संयुक्त टीम मौके पर मौजूद है, जिसमें क्षेत्रीय वन अधिकारी दीपक मीणा, देवेंद्र सिंह सहित अन्य अधिकारी शामिल हैं।


वन्यजीवों से भरपूर है धौलपुर-करौली क्षेत्र

वन विभाग के अनुसार, यह पूरा क्षेत्र वन्यजीवों की दृष्टि से काफी समृद्ध है। यहां पहले से ही बाघ, तेंदुआ और अन्य प्रजातियां मौजूद हैं।

धौलपुर से करौली तक फैला यह इलाका चंबल नदी के बीहड़ों और घने जंगलों के कारण प्री-बेस (शिकार उपलब्धता) के लिहाज से अनुकूल माना जा रहा है, जिससे चीते की मौजूदगी संभवतः स्थायी भी हो सकती है।


तीन चीतों का समूह भी पहुंचा राजस्थान सीमा तक

जानकारी के अनुसार, कूनो से तीन चीते एक साथ बाहर निकले हैं, जिनमें से कुछ राजस्थान सीमा के जंगलों तक पहुंच चुके हैं। वन विभाग इन सभी की मूवमेंट पर लगातार नजर रखे हुए है।


चीता कॉरिडोर योजना पर तेजी, 400 किमी का क्षेत्र प्रस्तावित

डीएफओ वी. चेतन कुमार ने बताया कि राजस्थान में चीता कॉरिडोर विकसित करने को लेकर नवंबर 2024 में सवाई माधोपुर स्थित सवाई विलास होटल में एक अहम बैठक हो चुकी है।

इस बैठक में राजस्थान और मध्य प्रदेश के वरिष्ठ वन अधिकारियों ने हिस्सा लिया था। प्रस्ताव के अनुसार, धौलपुर से रावतभाटा तक लगभग 400 किलोमीटर के वन क्षेत्र को चीता कॉरिडोर के रूप में विकसित करने पर चर्चा हुई थी।

इसके अलावा यह कॉरिडोर मध्य प्रदेश के कूनो से शिवपुरी होते हुए राजस्थान के मुकुंदरा टाइगर रिजर्व और मंदसौर के गांधी सागर सेंचुरी तक विस्तारित होगा।


27 वन डिवीजन होंगे शामिल

प्रस्तावित चीता कॉरिडोर में मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश और राजस्थान के कुल 27 वन डिवीजन शामिल किए जाने की योजना है। सरकार स्तर पर इस पर अंतिम निर्णय जल्द लिए जाने की संभावना है।


वन विभाग ने लोगों से की अपील

वन विभाग ने स्थानीय ग्रामीणों से अपील की है कि वे सतर्क रहें और किसी भी तरह की संदिग्ध गतिविधि की तुरंत सूचना विभाग को दें। साथ ही, वन्यजीवों से दूरी बनाए रखने की सलाह भी दी गई है ताकि किसी अप्रिय घटना से बचा जा सके।


निष्कर्ष

कूनो से राजस्थान तक पहुंचा यह चीता न केवल वन्यजीव संरक्षण के लिहाज से महत्वपूर्ण है, बल्कि प्रस्तावित चीता कॉरिडोर योजना को भी नई दिशा देता दिख रहा है। आने वाले समय में यह क्षेत्र देश के बड़े वन्यजीव गलियारों में शामिल हो सकता है।