अहमदाबाद एयरपोर्ट के बाहर पिता अपनी बेटी को छोड गया इस उम्मीद में की वह अपने पति के पास पहुंच जाएगी.एक पूरा परिवार जिनमें पति पत्नी और उनके तीन बच्चे थे.वो भी उसी फ्लाइट में सवार थे जो महज 30 सेकेंड में क्रैश हो गई.ये दोनों ही परिवार राजस्थान के थे …जिनकी तस्वीरें अब बस यादों में रह गई है …इस खबर के साथ ही उस प्लेन में बैठे यात्रियों के परिवारों की चिंता बढ गई और वो खुद से सवाल पूछने लगे की सब ठीक तो है ना,,,फोन खटखटाने लगे और दौड पडे एयरपोर्ट की तऱफ…और हम सब भी यही दुआ कर रहे थे कि सब सुरक्षित हो….लेकिन टूट गई उम्मीदें.जब पता चला कि फ्लाइट में सवार 242 लोगो में से केवल शख्स जिंदा बचा …वही बात करे राजस्थान के बालोतरा की खूश्बू की तो खूश्बू राजपूरोहित की शादी इसी साल 18 जनवरी को विपुल से हुई थो जो लंदन में डॉक्टरी करते है.वो एक हफ्ते पहले ससुराल से गई और कल उनके पिता मदन सिंह उन्हे एयरपोर्ट पर छोडने पहुंचे क्योंकि उन्हे अपने पति से लंदन में मिलना था.जाते जाते पिता और बेटी ने तस्वीर भी खिंचवाई …नही पता थे कि ये आखरी तस्वीर होगी.अब ये तस्वीर देखिए एक खुशहाल परिवार राजस्थान के बांसवाडा का रहने वाला कपल अपने बच्चों के साथ इसी प्लेन में सवार था.प्रतीक जोशी ,कोमी व्यास उनके बच्चे…ये फैमेली अब दुनिया में नही है..जब राजस्थान में इनके अपनो को इनकी मौत की जानकारी मिली तो वो बिखर गये.घर चित्कारों के बाद एक खामोशी पसर गई.वहीं हादसे वाले विमान में चार यात्री उदयपुर के भी है। जिनमें रुदेड़ा गांव के वरर्दी चंद्र मेनारिया और रोहिडा गांव के प्रकाश चंद मेनारिया है। इनके अलावा उदयपुर शहर के मार्बल व्यापारी पिंकू मोदी के दो बच्चे भी विमान में सवार थे। जिनके नाम शगुन मोदी और शुभ मोदी बताया जा रहा है। यह लंदन में पढ़ाई करते थे।इस प्लेन हादसे में ना जाने कितनो ने अपनो को खो दिया .जो उम्मीदे आज वो तस्वीरे बन गई.कोई इंतजार विदेश में कर रहा था तो कोई देश में लेकिन अब बस उम्मीदों पर विराम लग चुका है .और वो लोग बस यादों में रह गए है .

