जयपुर, 13 मई। राजस्थान में बढ़ती गर्मी और हीटवेव के बीच मुख्यमंत्री Bhajan Lal Sharma ने पेयजल और बिजली आपूर्ति व्यवस्था को लेकर सख्त रुख अपनाया है। मुख्यमंत्री ने साफ कहा है कि प्रदेश में आमजन को पानी और बिजली की समस्या नहीं होनी चाहिए और यदि किसी क्षेत्र से शिकायत मिलती है तो संबंधित जिला कलेक्टर और विभागीय अधिकारियों की जिम्मेदारी तय की जाएगी।
मुख्यमंत्री कार्यालय में आयोजित समीक्षा बैठक में CM भजनलाल शर्मा ने सभी जिला कलेक्टरों को निर्देश दिए कि वे पानी और बिजली आपूर्ति को लेकर नियमित साप्ताहिक बैठकें करें और व्यवस्थाओं की लगातार मॉनिटरिंग सुनिश्चित करें। उन्होंने कहा कि शिकायतों का त्वरित समाधान प्राथमिकता के आधार पर किया जाए ताकि गर्मी के मौसम में लोगों को किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े।
मुख्यमंत्री ने कहा कि आमजन को राहत पहुंचाना राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है और इसमें किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने अस्पतालों में साफ-सफाई, पेयजल और अन्य जरूरी सुविधाओं की भी नियमित निगरानी के निर्देश दिए।
बैठक के दौरान मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री Narendra Modi की अपील का जिक्र करते हुए अधिकारियों से पेट्रोल-डीजल की बचत करने को भी कहा। उन्होंने निर्देश दिए कि अधिकारी वाहनों का कम से कम उपयोग करें, अधिक से अधिक कार पूलिंग अपनाएं और जिलों में बैठकों के लिए वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग को प्राथमिकता दें।
इस संबंध में मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास को सभी जिला कलेक्टरों के लिए दिशा-निर्देश जारी करने के आदेश भी दिए गए।
इसके अलावा मुख्यमंत्री ने जल जीवन मिशन के कार्यों की समीक्षा करते हुए कहा कि राज्य सरकार योजना के लंबित कार्यों को तय समयसीमा में पूरा करने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने आरोप लगाया कि पिछली सरकार के दौरान योजना में अनियमितताएं हुईं और कई कार्य अधूरे रह गए, जिससे लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ा। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि जल जीवन मिशन के सभी प्रगतिरत कार्यों को लक्ष्य तय कर समय पर पूरा किया जाए और इसकी विस्तृत रिपोर्ट भी तैयार की जाए।
बैठक में मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास सहित मुख्यमंत्री कार्यालय, जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग और वित्त विभाग के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।

