राजस्थान के सीकर जिले में स्थित विश्व प्रसिद्ध खाटू श्याम धाम में इस वर्ष फाल्गुन लक्खी मेले की धूम जोरों पर है। यह मेला 21 फरवरी 2026 से शुरू होकर 28 फरवरी तक चलेगा, जिसमें देश-विदेश से 50 लाख से अधिक भक्तों के आने की संभावना है।
मुख्य दिन — एकादशी का महत्व
इस वर्ष बाबा श्याम का मुख्य लक्खी मेला आमलकी एकादशी के दिन यानी 27 फरवरी 2026 को भरेगा। मान्यता है कि फाल्गुन शुक्ल एकादशी के दिन ही बर्बरीक जी (खाटू श्याम जी) का शीश खाटू में प्रकट हुआ था और इस समय सच्चे मन से मांगी गई मन्नत अवश्य पूरी होती है।
भव्य सजावट की तैयारी
मंदिर की सजावट के लिए कोलकाता से करीब 120 अनुभवी कारीगर दिन-रात कार्य में जुटे हुए हैं। पूरा खाटू धाम “जय श्री श्याम” के जयकारों से गूंज रहा है।
सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम
मेले की सुरक्षा के लिए करीब 6500 पुलिसकर्मियों का भारी जाब्ता तैनात किया जाएगा। पूरे मेला क्षेत्र को 22 सेक्टरों में बांटा गया है और 400 CCTV कैमरों व ड्रोन के जरिए पल-पल की मॉनिटरिंग की जाएगी।
रेलवे की विशेष व्यवस्था
उत्तर पश्चिमी रेलवे ने 16 विशेष ट्रेनों के संचालन का फैसला किया है जो 18 फरवरी से 2 मार्च 2026 तक चलेंगी, जिससे दिल्ली, हरियाणा और गुजरात सहित कई राज्यों से आने वाले भक्तों का सफर सुविधाजनक होगा।
पैदल यात्रा की परंपरा
कई भक्त रींगस से 18 किलोमीटर पैदल चलकर बाबा श्याम के दर्शन के लिए आते हैं। यह परंपरा सदियों से चली आ रही है और श्रद्धा व भक्ति का प्रतीक मानी जाती है।
बाबा श्याम के इस महामेले में शामिल होने वालों के लिए प्रशासन ने सभी जरूरी व्यवस्थाएं सुनिश्चित की हैं। जय श्री श्याम! 🙏

