डोनाल्ड ट्रंप के लिए इजरायल और पाकिस्तान एक साथ आ गये है .जी हां पाकिस्तान का भारत के बाद सबसे बड़ा दुश्मन इजरायल माना जाता है .लेकिन इस बार इजरायल और पाकिस्तान एक राय दे रहे है और वो भी अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के लिए….हमेशा धुर विरोधी माने जाने वाले इजरायल और पाकिस्तान एक सुर में बोल रहे है कि डोनाल्ड ट्रंप ही शांति के दूत है…और ये है एक एबसलूट सिनेमा…..दरअसल डोनाल्ड ट्रंप लगातार हर जगह क्रेडिट लेने की होड में रहते है .जहा पहले भारत और पाकिस्तान के बीच सीजफायर का ऐलान हो या फिर ईरान और इजरायल के बीच जंग रुकवाने की बात हो .वो हर जगह अपनी वाहवाही लूटने में कोई कोर कसर नही छोडते है .वही उनके बयानों और दावों को लेकर जहां पाकिस्तान पहले ही डोनाल्ड ट्रंप की तारीफ करते हुए नहीं थक रहा .वही दूसरी तरफ इजरायल भी अमेरिका के गुणगान करने में लगा है …पहले पाकिस्तान ने डोनाल्ड ट्रंप को शांतिदूत करार देते हुए नोबेल देने की डिमांड रखी.वही दूसरी तरफ इजरायल भी डोनाल्ड ट्रंप के लिए नोबेल पीस प्राइज की बात रख रहा है …दरअसल इजरायल का सीधा सा फंडा इस पूरे मसले पर देखने को मिल रहा है .दरअसल इजरायल जंग लडकर काफी तंगी में आ चुका है .और अब वो दोबारा खडा होने के लिए अमेरिका की मदद जरुर लेगा.ऐसे में इजरायल के हित भी अमेरिका की ताऱीफ और डोनाल्ड ट्रंप के तारीफ में छिपे है.वही जहां अभी तक पाकिस्तान इजरायल को एक देश के तौर पर मान्याता नही देता था.वही अब शायद उसके भी सुर अमेरिका के दबाव में बदल जाएंगे.ऐसे में पाकिस्तान अपनी आदत से मजबूर होकर पैसे के लिए अपने ऊसूलों को बेच देगा…वही बेंजमिन नेतन्याहू पर इजरायल में करप्शन का केस भी चल रहा था.और अचानक ये केस एकदम से बंद हो जाता है .ऐसे में माना जा रहा है कि इसके पीछे भी अमेरिका का ही हाथ है .वही बात करे अगर पाकिस्तान अगर इजरायल को मान्यता दे देता है तो भारत के लिए एक गोल्डन चांस सामने आएगा.क्योंकि यहां कि सरकार के खिलाफ विरोध शुरु हो जाएगा और आने वाले समय में हो सकता है यहां तख्ता पलट भी हो जाए……ऐसे में दो देश शायद असल कहानी को नही समझ पा रहे है कि उनका भविष्य डोनाल्ड ट्रंप के साथ नहीं बल्कि उनके देश की जनता और उनकी जरुरतो के साथ है .

