ईडी की रेड के बाद अब पूर्व मंत्री प्रतापसिंह खाचरियावास एक और बड़ी मुश्किल में फंसते नजर आ रहे है.प्रतापसिंह खाचरियावास इस बार राजपूत समाज के निशाने पर आ गए है .खाचरियावास लगातार अपने बयानों से सुर्खियों में बने रहते है .लेकिन एक बयान उन्होंने ऐसा दे दिया जिसके चलते जिस समाज से वो आते है वो ही उनके खिलाफ खडा हो गया है और उनसे माफी की मांग भी कर दी है…दरअसल, जयपुर में बुधवार को ईडी के खिलाफ कांग्रेस के प्रदर्शन के दौरान प्रताप सिंह ने बीजेपी सरकार पर जमकर हमला बोला। उन्होंने कहा कि सरकार ने गोविंद देवजी मंदिर के लिए दिए गए 100 करोड़ रुपए काट दिए। इसके विरोध में वे पूरे राजस्थान में पदयात्रा करेंगे। प्रताप सिंह ने कहा कि आईफा अवार्ड्स के लिए सरकार ने 100 करोड़ रुपए खर्च कर दिए, लेकिन मंदिर के लिए आवंटित राशि काट दी। इस दौरान उन्होंने उपमुख्यमंत्री दीया कुमारी को लेकर अमर्यादित टिप्पणी की थी। ऐसे में उनकी टिप्पणी के बाद नया विवाद खडा हो गया.श्री राजपूत सभा ने इस बयान पर कड़ा विरोध जताते हुए प्रताप सिंह को पत्र लिखकर सार्वजनिक माफी की मांग की है। बता दें, सभा ने इसे राजपूत समाज की मर्यादा और नारी अस्मिता पर हमला बताया। प्रताप सिंह खाचरियावास को श्री राजपूत सभा ने एक पत्र लिखते हुए कहा कि आपके द्वारा एक कार्यक्रम में उप मुख्यमंत्री दीया कुमारी जी को लेकर की गई अमर्यादित टिप्पणी के संदर्भ में कड़ा विरोध जताया गया है.। महोदय, खेद के साथ कहना पड रहा है कि आप जैसे नेता, पार्टी तुष्टिकरण के लिए राजपूत समाज की मर्यादा को खराब करें यह बिलकुल भी आपको शोभा नहीं देता है। साथ ही सभा ने आगे कि पार्टी पॉलिटिक्स करना आपका अधिकार है, परन्तु इसके साथ समाज की मर्यादा का भी ध्यान रखना आपका प्रथम कर्तव्य हैं। आपके इस बयान से राजपूत समाज बहुत आहत हुआ है। नारी की अस्मिता और संस्कृति की रक्षा, हमारे लिए सर्वोपरी है। हम आपकी इस अमर्यादित टिप्पणी की कड़ी निंदा करते है। साथ ही राजपूत सभा ने लिखा की खाचरियावास को सार्वजनिक रुप से उनके बयान के लिए माफी भी मांगनी पडेगी.

