पापा मैं निर्दोष हूं खुद को जेल में नहीं देख सकता..यह लिखकर एक युवक ने अपनी जीवनलीला समाप्त कर ली….जयपुर के एक व्यक्ति ने अपने घर में ही जहर खाकर सुसाइड कर लिया। मृतक के अंतिम संस्कार के बाद घरवालों ने उसके कमरे को संभाला तो तकिए के नीचे दो पेज का सुसाइड नोट लिखा हुआ मिला। सुसाइड नोट देखकर परिवार वाले हैरान रह गए। सुसाइड नोट में लिखा था कि उसकी कंपनी का बॉस उसे बहुत ज्यादा टॉर्चर कर रहा था। टॉर्चर से परेशान होकर ही वह सुसाइड करने के लिए मजबूर हुआ है। सुसाइड का यह मामला झोटवाड़ा थाने क्षेत्र में बैनाड़ रोड़ स्थित आनंद विहार बी कॉलोनी का है। झोटवाड़ा एसीपी सुरेंद्र सिंह राणावत ने मुकेश कुमार जांगिड़ एक प्राइवेट कंपनी में जॉब करता था। पिछले करीब 15 साल से वह एक ही कंपनी में था। कंपनी का ऑफिस विद्याधर नगर के सेंट्रल स्पाइन में है। दो पेज का सुसाइड नोट मिलने के बाद 14 अप्रैल को परिवार वालों ने झोटवाड़ा थाने में केस दर्ज कराया है। ऑफिस में बॉस द्वारा मुकेश को प्रताड़ित किए जाने के आरोप लगाए गए हैं। जो दो पेज का नोट मिला है उसमें यही लिखा था कि जितना लड़ सकता था लड़ा लेकिन अब वह थक गया है। इसलिए बॉस दिलीप चौहान और राजेश अरोड़ा के कारण उसे यह कदम उठाना पड़ रहा है। सुसाइड नोट में कंपनी के मार्फत हुए एक एग्जाम में गड़बड़ियां होने की बातें लिखी गई है। लिखा है कि गड़बड़ियां करने वाले कोई और थे लेकिन नाम मुकेश कुमार का लगा दिया गया। उसी मामले को लेकर बॉस दिलीप सिंह और राजेश अरोड़ा आए दिन धमकाते रहते थे। खाली कागजों पर उससे जबरन दस्तखत करा लिए और आए दिन टॉर्चर करने लगे।

