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Homeस्टेट न्यूजखनन पर 3 सवाल के बदले 10 करोड़..बीएपी विधायक रिश्वत मामला !

खनन पर 3 सवाल के बदले 10 करोड़..बीएपी विधायक रिश्वत मामला !

राजस्थान में रविवार को बीएपी विधायक जयकृष्ण पटेल के खिलाफ एसीबी की कार्रवाई ने राजनीतिक गलियारों में हलचल पैदा कर दी है. यह राजस्थान के इतिहास का पहला मामला है, जब किसी विधायक को रिश्वत लेते हुए गिरफ्तार किया गया है. 20 लाख रुपये की रिश्वत मामले में बागीदौरा से बीएपी विधायक की गिरफ्तारी के बाद चौंकाने वाला खुलासा हुआ है. जिसके बाद कही ना कही ये भी प्रश्न उठ रहे है कि विधायक अपनी विधानसभा को छोड अन्य जगह पर भी लोगों को डराने धमकाने का काम कर रहा था दरअसल भारत आदिवासी पार्टी के विधायक जयकृष्ण पटेल अपने विधानसभा क्षेत्र से 600 किमी दूर करौली जिले की टोडाभीम विधानसभा में खनन करने वाली कंपनी को ब्लैकमेल कर रहे थे. बीएपी विधायक जयकृष्ण पटेल जिस कंपनी को ब्लैकमेल कर रहे थे. वह कंपनी टालकोस इंडिया एलएलपी है, जो बीजेपी नेता रामनिवास मीणा और उनके बेटे रविंद्र मीणा की है. रविन्द्र मीणा करौली से बसपा के टिकट पर 2023 में विधानसभा चुनाव लड़े थे, जबकि उनके पिता रामनिवास भाजपा से टोडाभीम से चुनाव लड़े थे.विधायक जयकृष्ण पटेल के द्वारा ब्लैकमेल कांड की शुरुआत 11 जुलाई 2024 को उस वक्त हुई, जब बांसवाड़ा के बागीदौरा से बीएपी एमएलए पटेल ने विधानसभा में 5998 नंबर तारांकित प्रश्न लगाकर अवैध खनन, फार्म हाउस, वन्य जीव और नशा तस्करी जैसे गंभीर आरोप लगाए. इसके दो दिन बाद ही विधायक जयकृष्ण पटेल ने खान विभाग को लेकर 6284 नंबर पर एक और सवाल लगा दिया.विधायक के प्रश्न के जवाब में सरकार ने साफ कहा कि इन इलाकों में कोई अवैध खनन, फार्महाउस या तस्करी की पुष्टि नहीं हुई है. उन्होंने पूछा था कि क्या विधानसभा क्षेत्र टोडाभीम के ग्राम मोरडा, गड़ी, कमलापुर, रजौली समेत अन्य गांव में पहाड़ों पर वन भूमि में अवैध खनन किया जा रहा है? सरकार ने इसके जवाब में कहा था कि इन इलाकों में कभी कभी चोरी छिपे अवैध खनन किया जाता है इसे रोकने के लिए गश्तिदल कार्रवाई करती है.उन्होंने यह भी पूछा था कि क्या इन इलाकों में कोई फॉर्म हाउस बना है, क्या यहां वन्य जीवों को रखा जाता है और क्या यहां नशे की तस्करी की जाती है. इन सबके जवाब में सरकार ने कहा था कि यहां ऐसा कुछ नहीं होता है. विधानसभा में खनन से जुड़े इन्हीं सवालों को हटवाने के लिए बीएपी विधायक ने रिश्वत मांगी थी. वही दूसरी तरफ बीएपी के नेता इस पूरे मामले को साजिश बता रहे है और उनका कहना है कि विधायक को फंसाया जा रहा है.वही इस मामले पर कांग्रेस प्रदेशअध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा का भी बड़ा बयान सामने आया है.उनका कहना है कि हमें इस पूरे मामले में साजिश की बू आ रही है लेकिन अगर कोई गलत है तो उस पर कार्रवाई होनी ही चाहिए