पहलगाम हमले के बाद देश में मोदी सरकार लगातार कई बड़े फैसले ले रही है जिससे सीधे तौर पर संकेत जा रहे है कि देश अब युद्ध की तरफ बढ रहा है .क्योंकि पहलगाम हमले के बाद देश के लोगों में गुस्सा है उसे भी शायद सरकार ने भांप लिया है .इसलिए अब दुश्मन को करारा जवाब देने के लिए बड़ी तैयारी सरकार की तरफ से आम नागरिको के लिए की जा रही है.जिनमें सबसे बड़ा डवलमेंट है मॉक ड्रिल…सरकार का ये कदम नागरिकों की सुरक्षा को देखते हुए लिया गया है क्योकि देश में आने वाला समय कैसा हो ये तो शायद अब सरकार ही जानती है कि आखिर युद्ध होगा या नही ,,लेकिन जो संकेत मिल रहे है उससे अंदाजा तो लगाया ही जा सकता है कि देश की सरकार नागरिकों को अब अवेयर कर रही है कि आखिर कैसे खतरे को भांप कर अपनी जान बचाई जा सकती है…..दरअसल देश में पहलगाम हमले का असर अब देखने को मिल रहा है जनता चाहती है बदला लिया जाए.और कई बडे फैसले देश की सरकार की ओर से ले लिये गये है .इसी बीच 4 मई को गृहमंत्रालय ने आदेश भी निकाल दिया कि बॉर्डर से सटे राज्यों में सरकार मॉक ड्रिल करवाये और नागरिकों को हर खतरे से कैसे बचाया जा सकता है इसकी ट्रेनिंग दी जाए….आपको बता दे शायद देश में ऐसे हालात 1972 की लड़ाई के समय बने थे जब सरकार ने मॉक ड्रिल जैसे आदेश निकाले थे और नागरिकों की सुरक्षा को दुरस्त किया था.ऐसे में अब वही हालात बनते दिख रहे है .और देश में मॉक ड्रिल जैसी एक्टिविटी देखने मिलेगी.लेकिन पूरी देश की जनता के जहन में यही सवाल गूंज रहा है कि आखिर ये मॉक का उद्देश्य क्या है .और क्या देश की जनता को युद्ध के लिए तैयार रहना चाहिए.तो आपको बता दे तमाम संकेत तो यही कह रहे है .वही आपको बता दे इस मॉक ड्रिल के माध्यम से सरकार ने जो तमाम दिशा निर्देश आमजन के लिए निकाले है उनमे कई महत्वपूर्व निर्देश है ,,,जो कि अक्सर युद्ध में देखे जाते है .चाहे आप बात करे इजराइल हमाल के बीच छिड़ी जंग की तो वहा भी इजराइल की ओर से जब भी अपने नागरिकों के ऊपर कोई खतरा आता है तो वहा सायरन की मदद से लोगों को अवेयर किया जाता है ,अब भारत में भी ऐसा कुछ 7 मई को देखने को मिलेगा….इससे पहले आपको बता दे जब 1971 की वार हुई थी तब हमारे देश में ऐसे कई बडे वाक्या देखने को मिले थे ,जो शायद अब देखने को मिले …दरअसल 1971 की वार में जब पाकिस्तान के फाइटर जेट्स हमारे देश में हमला करने आते थे तो हमारे कई बड़े मिलट्री स्टेशन और ब़ड़े सरकारी दफ्तर को केमोफ्लाज कर दिया जाता था .यहा तक की ताजमहल भी ढक दिया गया था.और उस समय ये भी बताया गया था कि जब पाकिस्तान के प्लेन अपने देश से गुजरे तो कोई भी पटाखा नहीं जलाएगा,बत्ती नही जलाएगा और यहां तक की माचिस तक की तिल्ली भी नही चलाएगा…वही अब वैसे ही स्थिति देखने को मिलेगी.वही जो आदेश गृह मंत्रालय ने निकाले है उसकी हिसाब से सिविल डिफेंस की तरफ से देश के उन राज्यों के नागरिकों और स्टूडेंट्स को ये ट्रेनिंग दी जाएगी कि आखिर जब हमले का अंदेशा हो तो किस तरह आपको अपनी सुरक्षा करनी है .वही ब्लैकआउट जैसी सिचुएशन के लिए भी आमजन को तैयार रहने के लिए कहा गया है .इसके साथ लोगों को किस तरह हमले से निकालना है ये भी इस मॉक ड्रिल के माध्यम से बताया जाएगा.अब देखने वाली बात ये है कि आखिर जिस तरह का आदेश सरकार ने निकाला है उसके दुरगामी परिणाम क्या होंगे .क्या देश की जनता में इस मॉक ड्रिल एक डर का माहौल बनेगा या फिर जनता सरकार का सहयोग करेगी.क्योंकि देश की जनता इस परिस्थिति को शायद कही ना कही पहली देखेगी ..जिसके चलते उनके मन में भी कई सवाल खडे हो रहे है.

