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व्योमिका और सोफिया कुरैशी के बारे में आपको ये भी जानना चाहिए

ऑपरेशन सिंदूर के एक्टिव होने के बाद भारत ने जो कार्रवाई पाकिस्तान में घुसकर की उसके बारे में पूरे देश को बताने के लिए दो महिला आर्मी ऑफिसर उतरी..इन दोनों महिला ऑफिसर ने जो भी देश के सामने जानकारी साझा की उसके बाद से इन दोनों महिला ऑफिसर की चर्चा पूरे देश में होने लगी कि आखिर ये दोनों महिला ऑफिसर कौन और इनकी क्या भूमिका इस पूरे ऑपरेशन में रही.वही मोदी सरकार ने और सेना ने इन महिला ऑफिसर के माध्यम से यह भी संदेश दिया है कि जिस सिंदूर को आतंकियों ने उजड़ा था.उसी सिंदूर का बदला हमारी इन सेना की ऑफिसर्स ने लिया है..दरअसल भारतीय सेना ने अपना पराक्रम दिखाते हुए जिस ऑपरेशन सिंदूर को अंजाम दिया है.उस ऑपरेशन की कहानी बताई कर्नल सोफिया कुरैशी और एयरफोर्स की विंग कमांडर व्योमिका सिंह ने ..आपको बता दे कर्नल सोफिया जहां आर्मी कम्युनिकेशन एक्सपर्ट है वही विंग कमांडर व्योमिका स्पेशलिस्ट हेलिकॉप्टर पायलट है.2018 में मीडिया को दिए एक इंटरव्यू में कर्नल सोफिया ने आर्मी को लेकर अपने जुनून पर बात करते हुए एक किस्सा शेयर किया था। जब उनकी पोस्टिंग जम्मू कश्मीर के नगरोडा में थी और उनकी पोस्टिंग को 10 दिन ही हुए थे, तब वर्क ड्यूटी देते हुए उन्हें कहा गया था तुम पेट्रोलिंग देख लो। बात करें कर्नल सौफिया कुरैशी की तो वह सिग्नल कोर में सर्विस देती हैं, जो आर्मी कम्युनिकेशन में एक्सपर्टीज रखती हैं। वही बात करे विंग कमांडर व्योमिका सिंह की तो वह भारतीय वायु सेना में स्पेशलिस्ट हेलिकॉप्टर पायलट हैं। वो चुनौतीपूर्ण इलाकों में चेतक और चीता जैसे स्पेीशलाइज्ड हेलिकॉप्टार ऑपरेट करती हैं। वो अपने परिवार में सशस्त्र बलों में शामिल होने वाली पहली महिला हैं और पिछले 21 साल से एयरफोर्स में अपनी सेवाएं दे रही हैं।आपको बता दे व्योमिका जब छठी क्लास में पढ़ती थीं, तब क्लास में उनके नाम का मतलब पूछा गया। उन्हें पता चला कि उनके नाम ‘व्योकमिका’ का मतलब है उड़ना। तभी उन्होंने तय कर लिया कि वो एयरफोर्स का हिस्सा बनेंगीं। अपने जुनून के चलते उन्होंने स्कूलल में NCC जॉइन की और शॉर्ट सर्विस कमीशन की मदद से एयरफोर्स का हिस्सा् बनीं।विंग कमांडर व्योनमिका के पास 2,500 घंटों से ज्यादा का फ्लाइट आवर्स एक्सएपीरियंस है। उन्होंबने जम्मू-कश्मीर और पूर्वोत्तर सहित मुश्किल पहाड़ी इलाकों में चेतक और चीता जैसे हेलिकॉप्टरों को ऑपरेट किया है।नवंबर 2020 में उन्होंतने अरुणाचल प्रदेश में एक महत्वपूर्ण बचाव अभियान को लीड किया। इसमें पहाड़ियों और मुश्किल इलाकों के बीच व्यो‍मिका की टीम ने सफल फ्लाइंग कर राहत और बचाव का काम किया। 2021 में उन्होंने 21,650 फीट की ऊंचाई पर स्थित माउंट मणिरंग पर एक त्रि-सेवा महिला पर्वतारोहण अभियान में भी भाग लिया।