“गुजरात के अहमदाबाद में 12 जून को एयर इंडिया की फ्लाइट AI 171 क्रैश हो गई। इस दुर्घटना में मलबे से बरामद हुआ ब्लैक बॉक्स जिसे जांच के लिए भेज दिया गया है| इस हादसे की जांच में अब सबसे अहम भूमिका निभाएगा ये ब्लैक बॉक्स। तो ब्लैक बॉक्स का बारे में जानना सबसे अहम् है, आपको बता दें कि ब्लैक बॉक्स दरअसल दो हिस्सों में होता है – फ्लाइट डेटा रिकॉर्डर यानी एफडीआर और कॉकपिट वॉयस रिकॉर्डर यानी सीवीआर। एफडीआर विमान की उड़ान से जुड़ा पूरा डेटा रिकॉर्ड करता है—जैसे कि गति, ऊंचाई, दिशा, इंजन की स्थिति और तकनीकी गतिविधियां। वहीं, सीवीआर कॉकपिट में मौजूद पायलटों और क्रू मेंबर्स की बातचीत, चेतावनी सिग्नल और अन्य महत्वपूर्ण ध्वनियों को कैद करता है।ये दोनों रिकॉर्डिंग्स मिलकर किसी भी विमान हादसे की असली वजह जानने में सबसे बड़ा सबूत साबित होते हैं। ब्लैक बॉक्स को लेकर एक आम भ्रम ये है कि इसका रंग काला होता है, जबकि असलियत में ये ‘इंटरनेशनल ऑरेंज’ रंग का होता है। इसका कारण यह है कि दुर्घटनास्थल पर मलबे में इसे आसानी से पहचाना जा सके।ब्लैक बॉक्स को इस तरह डिज़ाइन किया गया होता है कि वह बेहद ऊंचे तापमान, पानी के दबाव और दुर्घटनाओं के झटकों को भी सह सके। यही वजह है कि अहमदाबाद दुर्घटना के बाद बरामद ब्लैक बॉक्स को जांच के लिए भेज दिया गया है, जिससे हादसे की असली वजह सामने आ सके।अब ब्लैक बॉक्स की जाँच से ही अहमदाबाद हादसे का कुछ कारण सामने आ सकता है |
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