नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (NCB) देहरादून यूनिट ने नशे के खिलाफ एक बड़ी जीत दर्ज की है। विभाग ने फार्मास्युटिकल ड्रग्स की आड़ में चल रहे एक अवैध ट्रैफिकिंग नेटवर्क का भंडाफोड़ करते हुए करीब 20 करोड़ रुपये मूल्य की ट्रामाडोल टैबलेट्स बरामद की हैं। जानकारी के अनुसार, यह सिंडिकेट फार्मा कंपनियों के नाम पर दवाएं बनवाकर उन्हें गैरकानूनी तरीके से देश के अलग-अलग हिस्सों में भेज रहा था। शुरुआती जांच में सामने आया है कि ये दवाएं नशे के तौर पर प्रयोग की जा रही थीं, जो युवाओं को लत लगाने के लिए इस्तेमाल हो रही थीं। NCB की इस कार्रवाई के दौरान कुछ संदिग्धों को हिरासत में लिया गया है और आगे की पूछताछ जारी है। टीम ने उन कंपनियों की भी पहचान शुरू कर दी है जिनका नाम इस रैकेट से जुड़ा हो सकता है। ट्रामाडोल, एक दर्द निवारक दवा है, लेकिन इसका दुरुपयोग नशे के रूप में किया जाता है। इसे कंट्रोल्ड सब्सटेंस की श्रेणी में रखा गया है और बिना चिकित्सकीय पर्चे के इसे बेचना गैरकानूनी है। यह कार्रवाई राज्य और देश में बढ़ते नशे के खतरे को देखते हुए बेहद अहम मानी जा रही है।

