livetv
Homeस्टेट न्यूजएक ट्रांसफर, एक ईगो और एक सस्पेंशन!

एक ट्रांसफर, एक ईगो और एक सस्पेंशन!

मध्यप्रदेश के सीधी जिले में एक बैंक के सीईओ को सिर्फ इसलिए सस्पेंड कर दिया गया क्योंकि उन्होंने एक विधायक की मांग मानने से इनकार कर दिया था। मामला सामने तब आया जब सीईओ ने एमपी हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया। सीईओ ने कोर्ट में बताया कि उन्होंने बैंक के एक क्लर्क का ट्रांसफर किया था। लेकिन एक महिला विधायक ने इस ट्रांसफर को रुकवाने की मांग की। सीईओ ने विधायक की सिफारिश मानने से इनकार कर दिया, जिसके बाद विधायक ने फोन पर नाराजगी जाहिर की। कुछ ही समय बाद सीईओ पर “असंसदीय भाषा” के इस्तेमाल का आरोप लगाकर उन्हें सस्पेंड कर दिया गया।
इस पर मध्यप्रदेश हाईकोर्ट ने साफ तौर पर कहा कि यह किसी आम व्यक्ति की शिकायत नहीं, बल्कि एक जनप्रतिनिधि द्वारा डाला गया गलत दबाव है। जस्टिस विवेक जैन ने अपने आदेश में कहा कि सीईओ के निलंबन का आदेश पक्षपातपूर्ण था और अत्यधिक शक्ति का दुरुपयोग करते हुए सिर्फ विधायक के इशारे पर जारी किया गया।
यह मामला एक बार फिर दिखाता है कि कैसे सत्ता में बैठे लोग अपने प्रभाव का इस्तेमाल नियमों और प्रक्रिया को दरकिनार करने के लिए करते हैं — और जब कोई अधिकारी उनके सामने झुकता नहीं, तो उसे इसका खामियाजा भुगतना पड़ता है।