जयपुर में इस साल 71वां वन्यजीव सप्ताह उत्साह और जागरूकता के साथ शुरू हुआ है। इस अवसर पर नाहरगढ़ बायोलॉजिकल पार्क ने एक विशेष पहल की है। स्कूलों के विद्यार्थियों को 2 से 8 अक्टूबर तक नि:शुल्क प्रवेश मिलेगा। इसका उद्देश्य बच्चों को नज़दीक से वन्यजीवों और उनके पर्यावरण के महत्व को समझाना है।
जागरूकता कार्यक्रम और विशेष गतिविधियां
सी सी एफ टी. मोहन राज ने बताया कि इस सप्ताह के दौरान नाहरगढ़, झालाना लेपर्ड सफारी, हाथी गांव और आमागढ़ में जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। इन कार्यक्रमों में बच्चों को वन्यजीव संरक्षण और पर्यावरणीय संतुलन के बारे में जानकारी दी जाएगी।
इसके अलावा, निबंध लेखन, क्विज़, चित्रकला प्रतियोगिता और सफाई अभियान जैसी गतिविधियां आयोजित की जाएंगी। इन गतिविधियों के माध्यम से बच्चों में पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूकता और रुचि बढ़ाने की कोशिश की जा रही है।
समापन समारोह और पुरस्कार
कार्यक्रम के अंत में समापन समारोह आयोजित किया जाएगा। इसमें विजेताओं को पुरस्कार और सम्मान दिया जाएगा। इससे बच्चों की प्रतिभा और मेहनत को प्रोत्साहन मिलेगा।
उद्देश्य और संदेश
वन्यजीव सप्ताह का मुख्य उद्देश्य बच्चों को वन्यजीवों और प्रकृति के करीब लाना है। यह पहल उन्हें सह-अस्तित्व और जिम्मेदार नागरिक बनने की शिक्षा देती है। कार्यक्रम आयोजकों का कहना है कि जब युवा पीढ़ी प्रकृति और वन्यजीवों के महत्व को समझेगी, तभी पर्यावरण संरक्षण के प्रयास सफल हो सकते हैं।
इस कार्यक्रम के जरिए यह संदेश भी दिया गया है:
“जब जंगल बचेंगे तभी जीवन बचेगा।”
निष्कर्ष
नाहरगढ़ बायोलॉजिकल पार्क का यह कार्यक्रम न केवल शैक्षिक है बल्कि समाज में पर्यावरणीय जागरूकता फैलाने की दिशा में भी महत्वपूर्ण कदम है। मुफ्त प्रवेश और गतिविधियों के जरिए बच्चे मनोरंजन और शिक्षा दोनों प्राप्त कर सकते हैं।
यह भी पढ़े – सुप्रीम कोर्ट में हंगामा: वकील ने चीफ जस्टिस बी.आर. गवई पर फेंका जूता, सुरक्षा कर्मियों ने तुरंत पकड़ा

