ब्रिटेन की नौ प्रमुख यूनिवर्सिटी अब भारत में अपने कैंपस खोलेंगी। इस ऐलान की घोषणा ब्रिटिश प्रधानमंत्री कीर स्टार्मर ने मुंबई में की।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और स्टार्मर के बीच द्विपक्षीय बातचीत के दौरान, दोनों देशों के बीच व्यापक व्यापार समझौते (CETA) पर भी हस्ताक्षर हुए।

पीएम मोदी ने कहा कि यह समझौता दोनों देशों के बीच आयात-निर्यात आसान करेगा, जिससे कारोबार बढ़ेगा और युवाओं के लिए रोजगार पैदा होंगे।
सहयोग के मुख्य क्षेत्र
व्यापार और आर्थिक सहयोग
सुरक्षा और तकनीकी क्षेत्र
शिक्षा और उच्च शिक्षा के अवसर
अंतरराष्ट्रीय सांस्कृतिक और फिल्मी परियोजनाएँ
स्टार्मर ने कहा कि भारत में उच्च शिक्षा की मांग बहुत अधिक है। इसलिए ब्रिटिश यूनिवर्सिटी भारत में अपने कैंपस खोलेंगी, जिससे इंटरनेशनल एजुकेशन भारत तक पहुंचेगी।
इसके अलावा, ब्रिटेन में बॉलीवुड फिल्में बनाने का भी समझौता हुआ है। इस कदम से दोनों देशों के बीच सांस्कृतिक और आर्थिक सहयोग को बढ़ावा मिलेगा।
तकनीक और नवाचार में सहयोग
ब्रिटेन और भारत अब निम्न क्षेत्रों में सहयोग करेंगे:
Artificial Intelligence (AI)
Advanced Communication
Defence Technology
स्टार्मर ने कहा कि दोनों देश तकनीक और नवाचार में अग्रणी हैं और उन्होंने सहयोग को और गहरा करने की प्रतिबद्धता जताई।
भविष्य की साझेदारी
ब्रिटिश प्रधानमंत्री ने कहा कि वे भारत की आर्थिक सफलता में साझेदार बनना चाहते हैं। उन्होंने भारत के 2028 तक तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनने और 2047 तक विकसित देश बनने के लक्ष्य की सराहना की।
उनके साथ आए 126 ब्रिटिश व्यवसायी भारत में निवेश और रोजगार सृजन के नए अवसर तलाश रहे हैं।
स्टार्मर ने यह भी कहा कि यह एक आधुनिक और भविष्य-उन्मुख साझेदारी है, जिसमें टैरिफ में कमी, विकास को गति देना और दोनों देशों के लोगों के जीवन स्तर को बेहतर बनाना शामिल है।
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