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RBI का नया रियल-टाइम चेक क्लियरिंग सिस्टम फेल, जयपुर में अरबों का लेनदेन अटका

भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) का नया रियल-टाइम चेक क्लियरिंग सिस्टम तकनीकी और प्रशिक्षण संबंधी खामियों के कारण ठप पड़ गया है। 4 अक्टूबर से लागू इस नए सिस्टम का उद्देश्य चेक क्लियरिंग की प्रक्रिया को तेज करना था, ताकि राशि कुछ ही घंटों में ग्राहक के खाते में पहुँच सके।

लेकिन, तकनीकी गड़बड़ियों और कर्मचारियों की प्रशिक्षण कमी के चलते नया सिस्टम कामयाब नहीं हो पाया। त्योहारी सीजन के दौरान इस सिस्टम के कारण अरबों का लेनदेन अटक गया, जिससे व्यापारियों और आम जनता में असंतोष फैल गया। आरबीआई ने सोमवार को बैंकों को अस्थायी ढील दी और पुरानी चेक क्लियरिंग प्रक्रिया शुरू कर दी है।

नया सिस्टम और समस्या

नए सिस्टम में चेक की डिजिटल तस्वीर स्कैन करके केंद्रीय क्लियरिंग टीम को भेजी जाती है, जिससे प्रक्रिया ऑटोमैटिक और तेज हो सके। पुराने सिस्टम में चेक क्लियर होने में एक से दो दिन का समय लगता था।

बैंक कर्मचारियों को इस नए मॉड्यूल की पूरी ट्रेनिंग नहीं दी गई थी। डिजिटल इमेजिंग और डेटा एंट्री में गड़बड़ियों के साथ-साथ कई बैंकों में सॉफ्टवेयर अपग्रेड के बाद डेटा सिंक्रोनाइजेशन में समस्या आ गई। कुछ बैंकों में IFSC और ब्रांच कोड की ऑटो-मैपिंग में कमी के कारण क्लियरिंग फाइल रिजेक्ट हो रही हैं।

इसके अलावा, एआई-आधारित ऑटो-क्लियरिंग नियम कई बार गलत तरीके से ट्रिगर हो रहे हैं, जिससे वैध चेक भी ‘होल्ड’ में जा रहे हैं। इन समस्याओं के कारण कई बैंकों ने मैन्युअल वेरिफिकेशन शुरू कर दिया है।

ग्राहकों की परेशानी

जयपुर के एक कपड़ा व्यापारी ने बताया कि उनके 13 दिन पहले जमा किए गए चेक अब जाकर क्लियर हो रहे हैं। जिन खातों में पेमेंट भेजी गई, वहां रकम अभी तक नहीं पहुंची, जबकि उनके खातों से पैसा कट चुका था।

ग्राहकों ने सोशल मीडिया पर भी अपनी शिकायतें साझा की हैं। व्यापारी ने कहा कि कई बार ग्राहकों को यह समझाना मुश्किल हो गया कि चेक क्लियर क्यों नहीं हो रहे, और बैंक भी स्पष्ट जवाब नहीं दे पा रहा था।

बैंक एसोसिएशन की प्रतिक्रिया

PNB एम्पलाइज यूनियन राजस्थान के अध्यक्ष टीसी झालानी ने कहा कि जब NEFT, RTGS और ऑनलाइन बैंकिंग जैसी सुविधाएं पहले से ही तेज गति से काम कर रही हैं, तब नए सिस्टम की जल्दबाजी में शुरुआत करना सही नहीं था। परिणामस्वरूप चेक क्लियरिंग अब पहले से अधिक समय ले रही है।

आरबीआई और बैंकों का कहना है कि किसी भी नए सिस्टम को समझने में समय लगता है। सोमवार से सभी बैंकों में विशेष ट्रेनिंग शुरू कर दी गई है और एक-दो दिन में समस्या का निपटारा होने की संभावना है।