जहां दुनिया भर के देश मच्छरों को खत्म करने के लिए अलग-अलग उपाय आज़मा रहे हैं, वहीं ब्राज़ील ने डेंगू जैसी जानलेवा बीमारी से लड़ने के लिए एक बिल्कुल नया और वैज्ञानिक तरीका अपनाया है। देश ने दुनिया की सबसे बड़ी ‘मच्छर बायोफैक्ट्री’ की शुरुआत की है, जहां ऐसे “अच्छे मच्छर” तैयार किए जा रहे हैं जिनमें Wolbachia नाम का विशेष बैक्टीरिया डाला गया है।
यह बैक्टीरिया इंसानों के लिए हानिरहित है, लेकिन यह मच्छरों की क्षमता को कम कर देता है कि वे डेंगू, जीका और चिकनगुनिया जैसी बीमारियां फैला सकें।
दुनिया की सबसे बड़ी मच्छर बायोफैक्ट्री
ब्राज़ील के कुरितिबा शहर में बनी इस अत्याधुनिक फैक्ट्री से हर हफ्ते लगभग 10 करोड़ मच्छरों के अंडे तैयार किए जाते हैं। यह परियोजना ब्राज़ील के स्वास्थ्य मंत्रालय के सहयोग से संचालित की जा रही है। फैक्ट्री लगभग 3,500 वर्ग मीटर में फैली है और इसमें करीब 70 वैज्ञानिक और तकनीकी विशेषज्ञ कार्यरत हैं।
यहां Wolbachia बैक्टीरिया से संक्रमित मच्छरों के अंडों को विशेष ऑटोमेटेड मशीनों के माध्यम से तैयार किया जाता है, जिन्हें बाद में डेंगू-प्रभावित इलाकों में छोड़ा जाता है।
ब्राज़ील में डेंगू क्यों सबसे बड़ा खतरा है?
ब्राज़ील उन देशों में शामिल है जहां हर साल डेंगू के लाखों मामले सामने आते हैं। वर्ष 2024 में लगभग 65 लाख डेंगू मरीजों की पुष्टि हुई थी, जिनमें से 6,297 लोगों की मौत हो गई थी। पारंपरिक तरीके जैसे कीटनाशकों का उपयोग अब प्रभावी नहीं रह गए हैं, इसलिए सरकार ने यह वैज्ञानिक पहल शुरू की है।
सफलता और असर
इस तकनीक का असर पहले ही कुछ शहरों में देखा जा चुका है। उदाहरण के तौर पर, नइतेरोई शहर में Wolbachia तकनीक लागू होने के बाद डेंगू के मामलों में 69%, चिकनगुनिया में 56% और जीका में 37% की कमी दर्ज की गई।
स्वास्थ्य मंत्रालय का अनुमान है कि आने वाले वर्षों में यह तकनीक 1.4 करोड़ से अधिक लोगों को मच्छरजनित बीमारियों से बचा सकती है।
कैसे काम करता है यह सिस्टम
फैक्ट्री में बने “अच्छे मच्छर” वास्तव में संक्रमण नहीं फैलाते, बल्कि Wolbachia बैक्टीरिया की वजह से डेंगू वायरस के विकास को रोकते हैं। जब ये मच्छर सामान्य मच्छरों के साथ प्रजनन करते हैं, तो उनका संक्रमण-रोधी गुण आगे की पीढ़ी में भी चला जाता है। इस तरह समय के साथ डेंगू फैलाने वाले मच्छर खुद-ब-खुद कम होते जाते हैं।
निष्कर्ष
ब्राज़ील की यह पहल सिर्फ डेंगू से लड़ने का तरीका नहीं, बल्कि मच्छरजनित बीमारियों के खिलाफ एक वैज्ञानिक क्रांति है। “अच्छे मच्छर” अब मानव जीवन की रक्षा के लिए सबसे मजबूत साथी बनते जा रहे हैं।
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