बेंगलुरु में स्कूलों की बढ़ती फीस ने माता-पिता के होश उड़ा दिए हैं। स्थिति यह है कि सालाना 50 लाख रुपये तक कमाने वाले पेरेंट्स भी बच्चों की पढ़ाई का खर्च उठाने में परेशान हो रहे हैं। शहर के इंटरनेशनल और बड़े प्राइवेट स्कूलों की फीस लगातार आसमान छू रही है। वही एडमिशन फीस, ट्यूशन फीस, ट्रांसपोर्ट और दूसरे चार्जेज़ जोड़कर सालाना खर्च लाखों रुपये तक पहुंच रहा है। अभिभावकों का कहना है कि स्कूलिंग का खर्च घर के बजट का सबसे बड़ा हिस्सा बन चुका है, जिससे बचत और बाकी जरूरतें प्रभावित हो रही हैं। सोशल मीडिया पर भी यह मुद्दा गरमा गया है और लोग शिक्षा को कारोबार बनाने वाले स्कूलों पर सवाल उठा रहे हैं। शिक्षा विशेषज्ञ मानते हैं कि क्वालिटी एजुकेशन देना जरूरी है, लेकिन पूरी खबर यहां देखें
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