राजस्थान हाईकोर्ट ने पंचायत चुनावों में हो रही देरी पर सख्त टिप्पणी की है. अदालत ने कहा कि परिसीमन की आड़ में चुनाव को बार-बार टालना संविधान की भावना के खिलाफ है. पंचायतें लोकतंत्र की निचली इकाई हैं. इन्हें लंबे समय तक प्रशासकों के हवाले नहीं छोड़ा जा सकता. यह आदेश हाईकोर्ट के जस्टिस अनूप ढंड ने महावीर प्रसाद और अन्य 16 याचिकाकर्ताओं की याचिकाओं पर सुनवाई के दौरान दिया |
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