बिहार में एक महिला, जिसने हाल ही में यह दावा किया था कि उनके और उनके परिवार के नाम वोटर लिस्ट से हटा दिए गए हैं, अब अपने बयान से पीछे हट गई हैं। महिला ने कहा है कि उन्हें गलत जानकारी दी गई थी, जिसके आधार पर उन्होंने पहले बयान दिया था। यह मामला तब चर्चा में आया जब कांग्रेस नेता राहुल गांधी की यात्रा के दौरान महिला ने कैमरे पर आकर आरोप लगाया था कि उनका नाम और परिवार का नाम वोटर लिस्ट से गायब कर दिया गया है। इस दावे को लेकर राजनीतिक हलकों में हलचल मच गई थी। हालांकि, बाद में चुनाव आयोग की तरफ से आई जानकारी और स्थानीय अधिकारियों की जांच के बाद महिला ने अपना बयान बदलते हुए कहा कि उन्हें किसी ने गलत जानकारी दी थी और उन्होंने बिना पुष्टि किए आरोप लगा दिया। इस घटनाक्रम के बाद सोशल मीडिया पर इसे लेकर तरह-तरह की प्रतिक्रियाएं आ रही हैं। कुछ लोगों ने इसे राजनीतिक ड्रामा बताया, तो कुछ ने इसे प्रशासनिक जागरूकता की कमी का नतीजा माना।

