बाड़मेर में आयोजित ‘जय हिन्द सभा’ के अवसर पर मध्यप्रदेश प्रभारी एवं बायतु विधायक हरीश चौधरी ने राष्ट्रहित, सामाजिक न्याय और जवाबदेही जैसे महत्वपूर्ण मुद्दों पर भाजपा सरकार को कठघरे में खड़ा किया और तीखे सवाल दागे।अपने संबोधन की शुरुआत में चौधरी ने जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले में शहीद हुए निर्दोष नागरिकों को श्रद्धांजलि अर्पित की। उन्होंने तीखे स्वर में सवाल उठाया कि पहलगाम जैसे उच्च-संवेदनशील क्षेत्र में सुरक्षा तंत्र की विफलता कैसे हुई? उन्होंने कहा, “यह मात्र एक आतंकी हमला नहीं, बल्कि हमारी आंतरिक सुरक्षा और खुफिया एजेंसियों की कार्यप्रणाली पर गहरा प्रश्नचिन्ह है।”प्रधानमंत्री मोदी पर निशाना साधते हुए उन्होंने कहा, “कभी प्रधानमंत्री कहते हैं कि मेरी रगों में पैसा बहता है, तो कभी कहते हैं कि मेरी रगों में सिंदूर दौड़ता है। परंतु आज देश देख रहा है कि उन रगों में बह रहा है तो वो निर्दोषों का लहू। क्या इस प्रकार के बयान राष्ट्रहित में उचित हैं? देश की जागरूक जनता अब सवाल पूछ रही है।”चौधरी ने पूछा कि जब निर्दोष नागरिकों की हत्या होती है, तो हमलावर आतंकी कैसे सुरक्षित निकल भागते हैं? क्या उन शहीदों को अब तक न्याय मिला? उन्होंने कहा कि अब समय आ गया है जब इन सवालों से मुंह मोड़ने की बजाय, उन्हें जवाब देना होगा।वहीं, ‘ऑपरेशन सिंदूर मिशन’ की सफलता पर उन्होंने देश के सुरक्षा बलों को नमन करते हुए उनका आभार प्रकट किया और कहा कि भारतवर्ष इन सपूतों का सदैव ऋणी रहेगा।जातिगत जनगणना के विषय पर बोलते हुए चौधरी ने स्पष्ट कहा कि भाजपा को यह निर्णय कांग्रेस के दबाव में लेना पड़ा है। यह कांग्रेस की दीर्घकालिक सामाजिक न्याय की लड़ाई का प्रतिफल है, जिसे श्री राहुल गांधी के नेतृत्व में देशभर में मजबूती से लड़ा जा रहा है।उन्होंने कांग्रेस पार्टी में नैतिकता और अनुशासन की बात करते हुए कहा कि जो नेता आचरणहीनता और अनुशासनहीनता में संलिप्त हैं, उन्हें पार्टी से निष्कासित किया जा रहा है। कांग्रेस केवल सत्ता का माध्यम नहीं, बल्कि विचार, संघर्ष और जनविश्वास की प्रतीक है।

