उपराष्ट्रपति पद से जगदीप धनखड़ के इस्तीफे पर राजनीति प्रतिक्रियाओं की कतार लंबी होती जा रही है| लगातार नेताओं की बयानबाजी से राजनीति में उबाल देखने को मिल रहा है कांग्रेस इस पूरे मसले पर बीजेपी को घेरने में कोई कोर कसर नहीं छोड रही है| नेता लगातार इस पूरे मामले में बीजेपी मे फूट की बात कह रहे है| साथ ही किसानों के अपमान के तौर पर बीजेपी को घेर रहे है| वही राजस्थान कांग्रेस की पूर्व विधायक दिव्या मदेरणा ने अपनी बात रखी है| और केंद्र सरकार को सवाल के घेरे में खड़ा करते हुए उन्होंने पूछा कि क्यों इस सरकार के अंदर किसान के बेटों के साथ ऐसा होता है? पहले हमने सत्यपाल मलिक को देखा अब जगदीप धनखड़ को देखा| जहां तक स्वास्थ्य का सवाल है तो हम सब प्रार्थना करते हैं कि वो अच्छा रहे| लेकिन इतना गंभीर स्वास्थ्य भी नहीं था. इसके आगे दिव्या मदेरणा ने कहा, “जगदीप धनखड़ मेरे पिता के बहुत करीबी मित्र हैं| मैं बचपन में उनको देखती आई हूं| एक पारिवारिक रिश्ता उनसे रहा है| और वो किसान वर्ग के बेटे हैं, और मैं भी किसान समाज से आती हूं| अन्नदाता की आवाज वो हमेशा से उठाते रहे हैं| जैसे शिवराज सिंह चौहान को उन्होंने पूछा कि क्यों ये किसान बार-बार आंदोलित हो रहा है| क्यों इनकी सुनी नहीं जा रही है| “इसके आगे उन्होंने कहा, “वो एक ऐसे पद पर थे जिससे समस्त किसानों का सीना फूलकर गौरवान्वित होता था| आज मुझे लगता है कि समस्त राजस्थान और पूरे किसान वर्ग के अंदर एक दुख की लहर है| दुख भरा क्षण है| बहुत मायूसी है और अन्नदाताओं के आंख में नमी सी होगी कि उनका एक बेटा और सपूत इस पद पर आसीन था|” दिव्या मदेरणा ने आगे कहा, “इससे कहीं ज्यादा आश्चर्यजनक रूप से उनका इस्तीफा हुआ, और तुरंत मंजूर हुआ हो गया| उन्होंने कोई अपना फेयरवेल स्पीच नहीं दिया| निश्चित रूप से दिखाता है कि सरकार का कोई दबाव या तंत्र था| 75 सालों के इतिहास में पहली बार कोई उपराष्ट्रपति इस तरीके से जा रहा है| किसानवर्ग इससे बहुत आहत है| इसको अपमानित रूप में देखता है|”

