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जयपुर में युवक के पेट से निकली घड़ी और नट-बोल्ट: SMS हॉस्पिटल में 3 घंटे चला ऑपरेशन, डॉक्टरों ने बचाई जान

जयपुर युवक पेट से निकली घड़ी — यह खबर जितनी अजीब लगती है, उतनी ही सच्ची है। जयपुर के SMS हॉस्पिटल में डॉक्टरों ने 34 वर्षीय युवक के पेट से घड़ी, नट-बोल्ट, कंचा और लोहे के टुकड़े निकालकर उसकी जान बचाई। ऑपरेशन लगभग तीन घंटे तक चला और इसमें विशेषज्ञ डॉक्टरों की टीम ने अहम भूमिका निभाई।


कैसे हुई शुरुआत

यह मामला नागौर जिले के रहने वाले एक युवक का है। कुछ दिन पहले उसने गलती से नट-बोल्ट निगल लिए। इसके बाद उसने घड़ी भी निगल ली, जो उसकी खाने की नली में फंस गई। नतीजतन, उसे उल्टी और तेज पेट दर्द की शिकायत हुई।

इस बीच, जब वह खाना भी नहीं खा पा रहा था, तो परिजन उसे SMS हॉस्पिटल लेकर आए। जांच के दौरान डॉक्टरों को उसके पेट, आंत और खाने की नली में धातु के टुकड़े फंसे हुए दिखाई दिए।


एंडोस्कोपी से नहीं मिली सफलता

सबसे पहले डॉक्टरों ने एंडोस्कोपी के जरिए इन वस्तुओं को निकालने की कोशिश की। हालांकि, दो प्रयासों के बाद भी सफलता नहीं मिली। इसके बाद टीम ने वीडियो असिस्टेड थोरेसिस सर्जरी (VATS) तकनीक अपनाने का निर्णय लिया।

इस पद्धति में छाती के पास 3-4 छोटे छेद किए गए। कैमरे और उपकरणों की मदद से पेट और आंत के अंदर फंसी वस्तुओं को एक-एक करके निकाला गया।


टीम की मेहनत से बची जान

जनरल सर्जरी यूनिट की हेड डॉ. शालू गुप्ता ने बताया कि घड़ी खाने की नली में फंसी थी, जबकि नट-बोल्ट और लोहे के टुकड़े बड़ी आंत में पाए गए। टीम में डॉ. फारूख खान, डॉ. अमित गोयल, देवेंद्र सैनी, नवेन्दु अग्रवाल, डॉ. कंचन और डॉ. सुनील चौहान भी शामिल रहे।

वहीं, अब मरीज की स्थिति स्थिर है और उसे निगरानी में रखा गया है। डॉक्टरों के अनुसार, समय पर सर्जरी न की जाती तो गंभीर जटिलताएं उत्पन्न हो सकती थीं।


निष्कर्ष: आधुनिक तकनीक ने फिर साबित की अपनी क्षमता

यह घटना बताती है कि आधुनिक सर्जरी तकनीक और कुशल डॉक्टर मिलकर असंभव को भी संभव बना सकते हैं। SMS हॉस्पिटल जयपुर की इस टीम ने अपनी विशेषज्ञता से एक असाधारण उपलब्धि हासिल की है, जो चिकित्सा क्षेत्र के लिए प्रेरणा बन सकती है।

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