बाड़मेर/जयपुर: पश्चिमी राजस्थान में कांग्रेस पार्टी के भीतर हलचल बढ़ गई है। बाड़मेर-जैसलमेर सांसद उम्मेदाराम बेनीवाल ने पूर्व विधायक मेवाराम जैन की कांग्रेस में वापसी पर नाराजगी जाहिर की है।

बेनीवाल ने कहा, “चरित्रहीन की कहीं भी जगह नहीं होती—ना परिवार में, ना पार्टी में। पार्टी का यह निर्णय है, लेकिन मेरी राय है कि हर किसी का नजरिया अलग होता है। शायद पार्टी में कुछ कमी महसूस की गई थी, जो मेवाराम के आने से पूरी हुई।”
महिला कार्यकर्ताओं की प्रतिक्रिया पर उन्होंने कहा, “सभी विचलित हैं। चाहे महिला हो या पुरुष, चाहे पार्टी के पक्ष के हों या विपक्ष के। यह मेरा मानना है।”
बेनीवाल ने यह भी कहा कि पार्टी पर आरोप-प्रत्यारोप नहीं लगाए जा सकते। “पार्टी ने जो निर्णय लिया, वह सोच-समझकर लिया गया। पार्टी में सभी प्रकार के लोग होते हैं। यही पार्टी को चलाता है। पार्टी सक्षम है और उसका निर्णय सभी को मान्य होगा।”
पार्टी का ऐतिहासिक निर्णय:
मेवाराम जैन को 7 जनवरी 2024 को कांग्रेस से निष्कासित किया गया था।
लगभग 20 महीने बाद, 22 सितंबर 2025 को उन्हें अनुशासन समिति के निर्णय के बाद फिर से शामिल किया गया।
जैन को दिल्ली में कांग्रेस प्रभारी सुखजिंदर सिंह रंधावा ने पार्टी में शामिल कराया।
इसके बाद, 26-27 सितंबर की रात बाड़मेर, बालोतरा और बायतु में आपत्तिजनक होर्डिंग्स लगाए गए। इस पर कोतवाली थाने में मामला दर्ज किया गया।
पश्चिमी राजस्थान में मेवाराम की वापसी से कांग्रेस में भीतरघात और नाराजगी की संभावना बढ़ गई है।
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