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नरेश मीणा का मौन व्रत शुरू, हनुमान बेनीवाल का समर्थन; सरकार पर लगाए गंभीर आरोप

जयपुर, 16 सितंबर 2025: बेनीवाल का समर्थन, सरकार से न्याय की मांग – झालावाड़ हादसे में मारे गए बच्चों के परिजनों को न्याय दिलाने के लिए नरेश मीणा ने मौन व्रत

नरेश मीणा मौन व्रत आंदोलन ने राजस्थान की राजनीति में एक नया मोड़ ला दिया है। झालावाड़ हादसे के पीड़ित परिवारों को न्याय दिलाने के लिए जयपुर में चल रहे इस आंदोलन को अब तक सरकार से कोई प्रतिक्रिया नहीं मिली है।

झालावाड़ में हुए दर्दनाक हादसे में जान गंवाने वाले बच्चों के परिजनों को न्याय दिलाने के लिए नरेश मीणा का आंदोलन और अनशन जयपुर के शहीद स्मारक पर जारी है। अब उन्होंने इस आंदोलन को और गहराते हुए मौन व्रत भी शुरू कर दिया है।

नरेश मीणा मौन व्रत न्याय आंदोलन में अब वे अपनी मांगों और विचारों को लिखकर जाहिर कर रहे हैं — यहां तक कि मीडिया से भी वे मौखिक बातचीत नहीं कर रहे हैं, बल्कि लिखित में उत्तर दे रहे हैं।

उनका कहना है कि वे तब तक मौन व्रत नहीं तोड़ेंगे जब तक पीड़ित परिवारों को न्याय और मुआवज़ा नहीं मिलेगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि अभी तक सरकार की ओर से कोई संवाद या वार्ता का प्रयास नहीं हुआ है, जिससे यह स्पष्ट होता है कि सरकार इस मुद्दे को गंभीरता से नहीं ले रही।

मीणा ने यह भी आरोप लगाया कि उनके समर्थकों को आंदोलन स्थल पर पहुंचने से रोका जा रहा है। उन्होंने कहा कि सरकार आंदोलन को दबाने की कोशिश कर रही है, लेकिन वे पीछे नहीं हटेंगे।

हनुमान बेनीवाल ऐसे एकमात्र राजनीतिक नेता हैं जिन्होंने सार्वजनिक रूप से नरेश मीणा का समर्थन किया है। नरेश ने लिखा कि उनके पुराने साथी प्रहलाद गुंजल ने भी इस बार साथ नहीं दिया।

अपने संगठन भगत सिंह सेना को लेकर नरेश ने कहा कि यह कोई राजनीतिक मंच नहीं है और इसका मकसद सिर्फ सामाजिक न्याय की आवाज़ उठाना है। उन्होंने यह भी कहा कि संगठन चुनाव नहीं लड़ेगा और न ही किसी राजनीतिक दल से जुड़ा है।

समर्थकों की अनुशासनहीनता पर बोलते हुए नरेश मीणा ने माना कि उन्हें अनुशासन बनाए रखने के लिए कभी-कभी कड़े कदम उठाने पड़ते हैं, लेकिन यह सब आंदोलन की गंभीरता और मर्यादा बनाए रखने के लिए आवश्यक है।

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