जयपुर, 30 मार्च। राजस्थान सरकार तीर्थराज Pushkar के समग्र विकास को लेकर गंभीर है। मुख्यमंत्री Bhajanlal Sharma ने कहा कि पुष्कर की पौराणिक और आध्यात्मिक विरासत को संरक्षित रखते हुए इसे विश्वस्तरीय तीर्थाटन केंद्र के रूप में विकसित किया जाएगा।
मुख्यमंत्री सोमवार को मुख्यमंत्री कार्यालय में पुष्कर के विकास की कार्ययोजना पर आयोजित बैठक को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार योजनाबद्ध तरीके से कार्य कर रही है, जिससे न केवल सांस्कृतिक विरासत सहेजी जा सके, बल्कि स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी मजबूती मिले।
घाटों और मंदिरों का होगा सौंदर्यकरण
मुख्यमंत्री ने Brahma Temple Pushkar सहित अन्य मंदिरों के सौंदर्यकरण और श्रद्धालुओं के लिए बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने के निर्देश दिए।
साथ ही पुष्कर सरोवर के घाटों, परिक्रमा मार्गों और मंदिर परिसर को आधुनिक सुविधाओं से सुसज्जित किया जाएगा।
विकास कार्यों में जनसहभागिता पर जोर
मुख्यमंत्री ने कहा कि आमजन, साधु-संतों और स्थानीय निवासियों के सुझाव विकास कार्यों को और अधिक प्रभावी बनाते हैं। बैठक में पुष्कर से आए साधु, महंत और नागरिकों ने भी अपने सुझाव साझा किए।
इंफ्रास्ट्रक्चर और सुविधाओं पर फोकस
बैठक में कई अहम प्रस्तावों पर चर्चा की गई, जिनमें शामिल हैं:
- भव्य एंट्री प्लाजा का निर्माण
- सड़कों का विकास
- घाटों पर सुविधाओं का विस्तार
- मंदिरों और परिक्रमा मार्गों का सौंदर्यकरण
साधु-संतों का सम्मान
कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने साधु-महंतों का दुपट्टा ओढ़ाकर सम्मान किया। उन्होंने पुष्कर के विकास के लिए राज्य सरकार की प्रतिबद्धता दोहराई।
प्रमुख जनप्रतिनिधि रहे मौजूद
इस बैठक में केंद्रीय मंत्री Bhagirath Choudhary, जल संसाधन मंत्री Suresh Singh Rawat, राजस्थान धरोहर प्राधिकरण के अध्यक्ष Onkar Singh Lakhawat, मुख्य सचिव V. Srinivas सहित कई अधिकारी और स्थानीय प्रतिनिधि उपस्थित रहे।
निष्कर्ष:
पुष्कर के विकास को लेकर राज्य सरकार की यह पहल न केवल धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा देगी, बल्कि क्षेत्र की अर्थव्यवस्था और सांस्कृतिक पहचान को भी नई ऊंचाई प्रदान करेगी।

