आरएएस मुख्य परीक्षा आज जयपुर और अजमेर में आयोजित की गई.काफी दिनों के लंबे संघर्ष के बावजूद भी सरकार ने अभ्यर्थियों की एक ना मानी और परीक्षा आज हो भी रही है.ऐसे में अभ्यर्थियों के मन गुस्सा साफ जाहिर है.लेकिन ये गुस्सा भजनलाल सरकार के खिलाफ कब फूटेगा ये तो आने वाला वक्त ही बताएगा.लेकिन जिस तरह से अभ्यर्थियों को दिलासा दिया गया ,वादाखिलाफी की गई उसके बाद लगता है कि आने वाले वक्त में ये अभ्यर्थी कुछ बडा एक्शन ले और सरकार के खिलाफ खडे हो…दरअसल आरएएस मुख्य परीक्षा को लेकर अभ्यर्थियों का संघर्ष काफी दिनों से राजस्थान यूनिवर्सिटी पर जारी थी.तमाम मीडिया चैनलों,पत्रिकाओं ने उनकी खबरों और मांगों को विस्तार से प्रकाशित किया.साथ ही सरकार के मंत्री,विधायक और विपक्षी नेता भी अभ्यर्थियों से मिलने पहुंचे और आश्वस्त किया.ऐसे में अभ्यर्थियों के मन में एक उम्मीद थी कि उनकी मांगों को सुना जाएगा और सरकार कुछ ऐसा फैसला लेगी जिससे उनके भविष्य पर बात ना आए.इसी बीच परीक्षा के एडमिट कार्ड जारी हो गए तो अभ्यर्थियों को गुस्सा और फूट पडा उन्होने प्रदेशअध्यक्ष से लेकर ,मुख्यमंत्री और मंत्रियों तक अपनी मांगों को पुरजोर तरीके से रखा लेकिन उनकी एक ना सुनी और आज ये परीक्षा आयोजित की जा रही है.ऐसे में जो अभ्यर्थी काफी समय से धरने प्रदर्शन में शामिल थे उनकी तैयारी भी ठीक से नहीं हो पाई और समय से पहले परीक्षा आयोजित की जा रही है.ऐसे में अब अभ्यर्थियों के भविष्य पर भी बात आएगी.तो ऐसे में अभ्यर्थियों का गुस्सा तो सरकार के खिलाफ निकलेगा.माना जा रहा है और सोशल मीडिया पर अभ्यर्थियों ने मन बना लिया है कि आने वाले चुनावों में इस सरकार को सबक जरुर सिखाएंगे.साथ ही कुछ अभ्यर्थी तो हनुमान बेनीवाल की पार्टी को चुनाव में वोट देने की बात भी करने लगे है.जिस बीजेपी ने पेपर लीक और पेपर माफियाओं के खिलाफ बडी बडी बाते करके सरकार बनाई ,वही बीजेपी सरकार अब युवाओं के हितों में फैसला नही ले पाई.जिसके चलते अब युवा अपने को ठगा सा महसूस कर रहे है .ऐसे में माना जा रहा है कि अब आरएएस अभ्यर्थी आने वाले समय में सरकार को जरुर सिखाएंगे.
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