दिल्ली हाईकोर्ट ने साकेत कोर्ट के जज संजीव कुमार सिंह को निलंबित कर दिया है। उन पर आरोप है कि उन्होंने यौन शोषण की शिकायत दर्ज करने वाली पीड़िता पर समझौते के लिए दबाव डाला। यह मामला न्यायपालिका में विश्वास को बनाए रखने के लिए गंभीर चुनौती माना जा रहा है। हाईकोर्ट ने स्पष्ट किया कि न्यायपालिका के हर सदस्य को निष्पक्ष और स्वतंत्र रहना चाहिए और किसी भी व्यक्ति या मामले पर दबाव डालना कानून और आचार संहिता के खिलाफ है। विशेष प्राधिकरण के तहत इस मामले की जांच जारी है और जज के खिलाफ आगे की कार्रवाई पर विचार किया जा रहा है। पीड़िता ने अदालत में बयान देते हुए बताया कि समझौते के लिए उन पर मानसिक दबाव डाला गया, जो गंभीर रूप से अनुचित और गैरकानूनी है। प्रशासन ने कहा है कि इस मामले की निष्पक्ष जांच सुनिश्चित की जाएगी और दोषी पाए जाने पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।

