राजस्थान में लगातार बढ़ते सड़क हादसे अब सरकार के लिए चिंता का विषय बन गए हैं। इन दुर्घटनाओं में कई परिवार उजड़ चुके हैं, और अब मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने इस दिशा में सख्त कदम उठाने का फैसला किया है।
सरकार ने साफ निर्देश दिए हैं— शराब पीकर वाहन चलाने वालों और बार-बार ओवरस्पीडिंग करने वालों का ड्राइविंग लाइसेंस अब सीधे रद्द किया जाएगा।

मुख्यमंत्री ने परिवहन और पुलिस विभाग को आदेश दिए कि सड़क सुरक्षा अभियान के तहत ब्लैक स्पॉट्स को जल्द ठीक किया जाए और राष्ट्रीय व राज्य राजमार्गों पर अवैध कट को तुरंत बंद किया जाए। साथ ही जयपुर-कोटा, जयपुर-दिल्ली, जयपुर-अजमेर और जयपुर-भरतपुर हाईवे पर वाहन चालकों के लिए नए आराम स्थल विकसित करने के भी निर्देश दिए गए हैं।
सीएम ने एनएचएआई अधिकारियों को कहा कि भारतमाला परियोजना और दिल्ली-मुंबई औद्योगिक कॉरिडोर के किनारे मौजूद सभी अवैध निर्माणों को तुरंत हटाया जाए। उन्होंने सभी राष्ट्रीय और राज्य मार्गों पर ट्रक ले-बाई, स्लिप लाइन और संकेतकों को सही स्थान पर सुनिश्चित करने को भी कहा।
सीएम भजनलाल शर्मा ने बैठक में यह भी स्पष्ट किया कि
हाईवे पर तय स्थानों के अलावा कहीं भी वाहन रोकने पर चालान किया जाएगा।
नो एंट्री जोन में गलत समय पर भारी वाहन आने पर सख्त कार्रवाई होगी।
जयपुर पुलिस को रात्रिकालीन ट्रैफिक व्यवस्था मजबूत करने के लिए कार्ययोजना तैयार करनी होगी।
मुख्यमंत्री ने यह निर्देश मुख्यमंत्री निवास पर आयोजित सड़क सुरक्षा और ट्रैफिक व्यवस्था की उच्च स्तरीय बैठक में दिए। बैठक के दौरान वे सख्त मूड में नजर आए और जिला कलेक्टर्स पर भी नाराज़गी जताई जिन्होंने अब तक जिला सड़क सुरक्षा समिति की नियमित बैठकें नहीं कीं।
उन्होंने कहा कि भारी वाहन ड्राइविंग लाइसेंस नवीनीकरण के समय आंखों की जांच रिपोर्ट गलत पाए जाने पर संबंधित डॉक्टर के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी।
सरकार का यह कदम स्पष्ट संकेत देता है कि अब सड़क हादसों और ट्रैफिक नियमों की अनदेखी पर जीरो टॉलरेंस नीति लागू होगी।
राजस्थान सरकार का यह सख्त रुख सड़क सुरक्षा को लेकर प्रदेश में एक बड़ा बदलाव ला सकता है।

