कांग्रेस हाईकमान का इन दिनों पूरा फोकस संगठन को नई धार औऱ मजबूती देने पर है. जिला अध्यक्षों को फिर से ताकतवर बनाने की दिशा में तो एक्सरसाइज भी शुरु हो चुकी है. वहीं .जिला अध्यक्षों के बाद फिर बारी आएगी मंडल अध्यक्षों की मंडल अध्यक्षों को भी एक्टिव और मजबूत बनाने के लिए पार्टी ने एक्शन प्लान तैयार किया है. मंडल अध्यक्षों को बूथ मैनेजमेंट जैसा अहम टास्क दिया जाएगा,फिर काम करने वालों को प्रमोशन भी मिलेगा. बीजेपी के मंडल अध्यक्ष मॉडल की कॉपी करते हुए कांग्रेस ने इनकी नियुक्तियां तो समय रहते जरुर कर दी थी. लेकिन धरातल पर अब तक कांग्रेस के मंडल अध्यक्ष सिर्फ नाममात्र के ही थे. भाजपा की तुलना में कांग्रेस के मंडल अध्यक्षों को ना तो कोई पावर दी गई औऱ ना ही उनको करने के लिए कोई काम दिया गया था. लेकिन अब जब संगठन मजबूती की दिशा में कांग्रेस हाईकमान ने वर्किंग शुरु की है तो कह सकते है कि मंडल अध्यक्षों के भी अच्छे दिन आने वाले है. पार्टी में अब मंडल अध्यक्षों को पूरी तवज्जो मिलेगी. इसके लिए कांग्रेस आलाकमान ने एक खास एक्शन प्लान तैयार किया है. मंडल अध्यक्ष कांग्रेस में ब्लॉक अध्यक्ष के बाद की पोस्टिंग होती है. लेकिन वह ग्राउंड पर पब्लिक के बीच में रहता है.. हर घर,नैरेटिव,मुद्दों औऱ मतदाताओं से जुड़ी सारी जानकारी से वह अपडेट रहता है. लिहाजा कांग्रेस ने पहले मंडल अध्यक्षों को बूथ मैनेजमेंट का टास्क देने का फैसला किया है. क्योंकि मंडल अध्यक्षों का मतदाताओं से सीधा कनेक्शन रहता है. बूथ मैनेजमेंट के साथ ही इनको जमीनी मुद्दों और लोगों से जुड़ी समस्याओं का फीडबैक देने का भी काम दिया जाएगा.राजस्थान कांग्रेस ने हाईकमान के निर्देशों पर काम भी शुरु कर दिया है. जल्द ही मंडल अध्यक्षों का पहले एक सम्मेलन जयपुर में बुलाया जाएगा. जिसके लिए पार्टी ने अध्यक्ष खड़गे को बुलाया है. इस सम्मेलन का मसकद पहले मंडल अध्यक्षों को यह मैसेज देना होगा कि आप भी पार्टी की मजबूत इकाई हो और आने वाले दिनों में आपको पूरी तवज्जो भी मिलेगी. जानकारों का कहना है कि ग्रास रुट पर अगर कांग्रेस अपने संगठन को सक्रिय करते हुए खड़ा कर देती है तो यकीनन उसको सियासी फायदा मिलना तय है.

