जयपुर। राजस्थान राज्य वन विभाग और भारत में टीएनसी: नेचर कंजर्वेंसी इंडिया सॉल्यूशंस (एनसीआईएस) संरक्षणसंगठनों, लाइन एजेंसियों और अन्य हितधारकों के साथ दो दिवसीय कार्यशाला आयोजित कर रहा है, जिसमें संरक्षण चुनौतियों और आवश्यकताओं पर चर्चा और रणनीति तैयारकीजाएगी। कार्यशाला का उद्देश्य प्रतिभागियों के समर्थन और इनपुट के साथ अरावली के लिए एक व्यापक संरक्षण रणनीति और हस्तक्षेप योजना विकसित करना है।यह कार्यशाला यह सुनिश्चित करने के लिए महत्वपूर्ण है कि जैव विविधता और अरावली पर निर्भर स्थानीय समुदाय दोनों ही फल-फूल सकें। टीएनसी इन इंडिया (एनसीआईएस) की प्रबंध निदेशक डॉ.अंजलि आचार्य ने कहा,”अरावली ग्रीन वॉल कार्यक्रम भारत में प्रकृति संरक्षण मंत्रालय और संबंधित राज्य सरकारों के तत्वावधान में एक सहयोगात्मक पहल है। कायर्शाला और चर्चाओं का मुख्य उद्देश्य वन विभाग, लाइन एजेंसियों और अन्य इच्छुक हितधारकों सहित प्रमुख हितधारकों को एक साथ लाने का है , जो राजस्थान और भारत में अरावली परिदृश्य के संरक्षण के लिए काम कर रहे हैं और इसमें रुचि रखते हैं। राजस्थान सरकार के राज्य वन विभाग के पीसीसीएफ एचओएफएफ अरिजीत बनर्जी ने कहा कि, “इस भू भाग की न केवल अनूठी भूविज्ञान है, बल्कि इस भू भाग के मूल निवासी और अद्वितीय प्रजातियाँ भी हैं। जलवायु परिवर्तन से निपटने के लिए एक बहुक्षेत्रीय दृष्टिकोण ही आगे बढ़ने का रास्ता है।
कार्यशाला के मुख्य उद्देश्य:
वन विभाग, लाइन एजेंसियों और अन्य इच्छुक हितधारकों सहित प्रमुख हितधारकों को एक साथ लाएँगी, जो राजस्थान, भारत में अरावली परिदृश्य के संरक्षण के लिए काम कर रहे हैं और इसमें रुचि रखते हैं।अरावली में नीतिगत माहौल और सिफारिशों पर विस्तृत चर्चा करें । अरावली में संरक्षित क्षेत्रों के नेटवर्क की संरक्षण प्रबंधन योजनाओं को मजबूत करने में योगदान दें।पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा परिकल्पित अरावली ग्रीन वॉल परियोजना के उद्देश्यों को प्राप्त करने की दिशामें पहल, चुनौतियों और आगे के रास्ते पर विचारों का आदान-प्रदान करें, जहाँ जैव विविधता और समुदाय दोनों ही पनप सकें।
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