झालावाड़ स्कूल हादसा एक हादसा नही त्रासदी है.जिसके लिए शायद जितने शब्दों में निंदा की जाए वो कम है.मासूमों ने अपनी जान गंवा दी लेकिन फिर भी सरकार का दिल नहीं पसीजा.मासूमों की मौत पर न्याय मांगने वालों की ही आवाज दबाने की कोशिश की जा रही है.इस सरकार में सवाल पूछना और न्याय मांगने का मतलब है आपको सरकार की लाठी खानी पडेगी.
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नरेश ने उठाई न्याय की आवाज,डर गई सरकार !

