तनाव सिर्फ इंसानों को ही नहीं, बल्कि उनके सबसे वफादार साथियों – कुत्तों को भी प्रभावित करता है। एक हालिया शोध में यह पाया गया है कि जब इंसान तनाव में होता है, तो उनके शरीर से एक खास तरह की गंध निकलती है जिसे कुत्ते आसानी से पहचान लेते हैं। इस गंध से वे समझ जाते हैं कि उनके मालिक की मानसिक स्थिति सामान्य नहीं है। कुत्तों की सूंघने की क्षमता इंसानों से कहीं ज्यादा तेज होती है। यही वजह है कि वे हमारे मूड में subtle बदलाव को भी भांप लेते हैं। जब इंसान तनावग्रस्त होता है, तो उनके शरीर की दुर्गंध या पसीने की गंध में बदलाव आता है, और यही संकेत कुत्तों को बेचैन कर देता है। वे अधिक सतर्क हो जाते हैं, ज्यादा चिपकने लगते हैं या चुपचाप मालिक के पास बैठ जाते हैं। यह रिसर्च यह भी बताती है कि कुत्ते केवल हमारे पालतू नहीं, बल्कि भावनात्मक रूप से जुड़े हुए साथी होते हैं। वे न केवल हमारी सुरक्षा करते हैं, बल्कि हमारी मानसिक स्थिति को भी भांपकर साथ देने की कोशिश करते हैं।
इसलिए अगली बार जब आप तनाव में हों, तो याद रखें — आपका पालतू भी आपकी स्थिति से प्रभावित होता है। उसके लिए आप सिर्फ एक मालिक नहीं, एक पूरा एहसास हैं।
इंसान के तनाव की गंध सूंघकर भावुक हो जाते हैं कुत्ते, बदल जाता है उनका व्यवहार !

