“कैश एट होम” मामले में न्यायपालिका से जुड़े एक बड़े नाम, जस्टिस यशवंत वर्मा, पर लगे भ्रष्टाचार के गंभीर आरोपों की जांच के लिए एक तीन सदस्यीय जांच समिति गठित की गई है। यह कमेटी मामले से जुड़े सभी पहलुओं की समीक्षा करेगी और अपनी रिपोर्ट लोकसभा अध्यक्ष ओम बिड़ला को सौंपेगी। सूत्रों के मुताबिक, समिति में अनुभवी न्यायिक और प्रशासनिक अधिकारी शामिल किए गए हैं, ताकि निष्पक्ष और गहन जांच सुनिश्चित की जा सके। यह कदम तब उठाया गया जब इस हाई-प्रोफाइल मामले ने राष्ट्रीय स्तर पर सुर्खियाँ बटोरीं और पारदर्शिता की मांग तेज़ हो गई।

