महाराष्ट्र की राजधानी मुंबई से बड़ी खबर है। बॉम्बे हाई कोर्ट ने बाणगंगा नदी में गणपति प्रतिमा विसर्जन की याचिका को खारिज कर दिया है। अदालत ने स्पष्ट किया कि धार्मिक अनुष्ठानों के लिए किसी नदी में प्रतिमा विसर्जन करना कोई मौलिक अधिकार नहीं है। याचिका में दावा किया गया था कि पर्यावरणीय प्रतिबंधों के बावजूद भक्तों को प्रतिमा विसर्जन की अनुमति दी जाए। लेकिन अदालत ने इसे खारिज करते हुए कहा कि पर्यावरण संरक्षण और नदी की स्वच्छता सुनिश्चित करना प्राथमिकता है। इस फैसले के बाद स्थानीय प्रशासन ने स्पष्ट कर दिया है कि इस वर्ष बाणगंगा में प्रतिमा विसर्जन की अनुमति नहीं दी जाएगी। भक्तों को वैकल्पिक विसर्जन स्थलों का उपयोग करने की सलाह दी गई है।

