त्वरित समाधान से नागरिकों का बढ़ा विश्वास, योजनाओं का लाभ घर-घर तक पहुँचा
जयपुर, 3 अक्टूबर।
मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा की पहल पर प्रदेशभर में आयोजित शहरी सेवा शिविर सुशासन और पारदर्शिता की मिसाल बनते जा रहे हैं। इन शिविरों के माध्यम से आमजन की समस्याओं का मौके पर ही त्वरित समाधान किया जा रहा है, जिससे नागरिकों का सरकार पर विश्वास और मजबूत हुआ है।
17 सितम्बर से शुरू हुए इन शिविरों में जन्म, मृत्यु और विवाह पंजीकरण, पट्टा वितरण, नामांतरण, ट्रेड लाइसेंस, ऋण स्वीकृति जैसे कार्यों को तेजी और पारदर्शिता से निपटाया जा रहा है। इसके साथ ही सड़कों और नालियों की मरम्मत, सीवर लाइन सुधार, सार्वजनिक स्थलों का सौंदर्यीकरण और स्ट्रीट लाइट्स लगाने जैसे जनोपयोगी कार्यों को भी प्राथमिकता दी गई है।
नागरिकों को त्वरित राहत
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अंत्योदय की संकल्पना से प्रेरित इन शिविरों में अब तक:
11,156 पट्टे जारी किए गए
74,664 पेंशनर्स सत्यापित
10,558 कचरा स्थलों का उन्मूलन
2,876 व्यक्तिगत शौचालयों का निर्माण
1,131 ऋण स्वीकृति (मुख्यमंत्री स्वनिधि योजना)
2,000+ पौषण किट वितरण
10,789 नई स्ट्रीट लाइट्स लगाई गईं
इन कार्यों ने शहरी जीवन में नई रौनक और भरोसा पैदा किया है।
स्वास्थ्य सेवाएँ घर-घर तक
मुख्यमंत्री का संकल्प है कि हर नागरिक को स्वास्थ्य सुविधाएँ सहजता से उपलब्ध हों।
शहरी सेवा शिविरों में अब तक:
55,696 व्यक्तियों की टीबी स्क्रीनिंग
1,49,360 व्यक्तियों का उपचार
4,759 निक्षय मित्र तैयार किए गए हैं।
योजनाओं का लाभ हर पात्र तक
शिविरों के माध्यम से योजनाओं से वंचित परिवारों तक भी सुविधाएँ पहुँचाई गईं:
7,894 बच्चों का पालनहार योजना नवीनीकरण
2,706 नए परिवारों का जनाधार में नामांकन
1,367 लोगों को नए बिजली कनेक्शन
54,593 जन्म, मृत्यु व विवाह पंजीकरण
6,903 लंबित एनएफएसए प्रकरणों का निस्तारण
मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा की इस पहल से शहरी सेवा शिविर अब सिर्फ प्रशासनिक गतिविधि नहीं, बल्कि जनविश्वास और सुशासन का प्रतीक बन चुके हैं।
यह भी पढ़े – डिजिटल दौर का नया खतरा: रानी मुखर्जी और अक्षय कुमार ने दिया साइबर अलर्ट

