धानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को अपने लोकप्रिय रेडियो कार्यक्रम ‘मन की बात’ के 127वें एपिसोड को संबोधित किया।
इस एपिसोड में प्रधानमंत्री ने छठ महापर्व, भारतीय कॉफी, ऑपरेशन सिंदूर, और भारतीय नस्ल के श्वानों पर विस्तार से चर्चा की।
छठ महापर्व पर बोले प्रधानमंत्री मोदी
छठ महापर्व संस्कृति, प्रकृति और सामाजिक एकता का प्रतिबिंब है। मेरा आग्रह है कि आप देश-दुनिया में कहीं भी हों, अवसर मिले तो छठ के उत्सव में शामिल होकर इसके अनूठे अनुभव का आनंद जरूर लें।#MannKiBaat pic.twitter.com/ddF53sSW56
— Narendra Modi (@narendramodi) October 26, 2025
प्रधानमंत्री मोदी ने कार्यक्रम की शुरुआत छठ महापर्व से की और देशवासियों को इस पर्व की हार्दिक शुभकामनाएं दीं।
उन्होंने कहा कि छठ भारत की संस्कृति, प्रकृति और समाज के बीच गहरी एकता का प्रतीक है।
“छठ के घाटों पर समाज का हर वर्ग एक साथ खड़ा होता है। यह दृश्य भारत की सामाजिक एकता का सबसे सुंदर उदाहरण है। अगर मौका मिले तो हर व्यक्ति को एक बार छठ उत्सव में जरूर भाग लेना चाहिए।”
पीएम मोदी ने छठ महापर्व को भारत की एकता और सामूहिकता का सबसे सुंदर उत्सव बताया।
भारतीय कॉफी पर चर्चा
प्रधानमंत्री ने इस बार ‘मन की बात’ में कॉफी पर भी बात की। उन्होंने मुस्कराते हुए कहा—
“आप सभी चाय से मेरे जुड़ाव के बारे में जानते हैं, लेकिन आज मैंने सोचा कि क्यों न मन की बात में कॉफी पर चर्चा की जाए।”
उन्होंने ओडिशा की कोरापुट कॉफी का विशेष उल्लेख किया और कहा कि इसका स्वाद अद्वितीय है।
पीएम मोदी बोले कि कोरापुट में कई लोग अपने जुनून और मेहनत से कॉफी की खेती कर रहे हैं, जिससे स्थानीय अर्थव्यवस्था को नई ताकत मिली है।
“भारत की कॉफी अपनी सर्वोत्तम कॉफी है — यह भारत में ही बनती है और दुनिया भर में पसंद की जाती है।”
ऑपरेशन सिंदूर पर गर्व
इस एपिसोड में प्रधानमंत्री ने हाल में चलाए गए ऑपरेशन सिंदूर का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि यह ऑपरेशन हर भारतीय को गर्व से भर देता है।
“इस बार उन इलाकों में भी दीये जले, जहां कभी माओवादी आतंक का अंधेरा छाया रहता था। लोग अब उस आतंक का पूरी तरह से अंत चाहते हैं, जिसने उनके बच्चों का भविष्य खतरे में डाल दिया था।”
पीएम मोदी ने इस अभियान को शांति और विकास की दिशा में बड़ा कदम बताया।
भारतीय नस्ल के श्वानों पर जोर
प्रधानमंत्री मोदी ने अपने पुराने संदेश को याद करते हुए कहा कि करीब पांच वर्ष पहले उन्होंने भारतीय नस्ल के ‘श्वानों’ (डॉग्स) को अपनाने की अपील की थी।
उन्होंने बताया कि अब BSF और CRPF जैसी सुरक्षा बलों ने अपने दस्तों में भारतीय नस्ल के डॉग्स की संख्या बढ़ाई है।
“भारतीय नस्ल के डॉग्स हमारे परिवेश और परिस्थितियों के अनुरूप आसानी से ढल जाते हैं। यह आत्मनिर्भर भारत की भावना का प्रतीक है।”
समापन संदेश
कार्यक्रम के अंत में प्रधानमंत्री मोदी ने देशवासियों से अपील की कि वे समाज में सकारात्मकता फैलाएं, स्वदेशी उत्पादों को अपनाएं और भारत के विकास में अपना योगदान दें।
“एकजुट भारत ही शक्तिशाली भारत है — यही हमारे उत्सवों, परंपराओं और समाज की असली ताकत है।”

