आजकल सड़कों पर इलेक्ट्रिक गाड़ियों की संख्या तेजी से बढ़ रही है, लेकिन बहुत से लोग अब भी EV को पेट्रोल-डीजल कार की तरह ही ट्रीट करते हैं. यही सबसे बड़ी गलती साबित हो सकती है.
अगर हाईवे या सड़क पर आपकी इलेक्ट्रिक कार अचानक बंद हो जाए, तो टो करना या धक्का लगाना आपको हजारों–लाखों का नुकसान करा सकता है.
इलेक्ट्रिक कार को टो करना क्यों है खतरनाक?
इलेक्ट्रिक व्हीकल का सिस्टम सामान्य गाड़ियों से बिल्कुल अलग होता है.
EV में न तो पारंपरिक इंजन होता है और न ही फुल न्यूट्रल गियर सिस्टम.
जब EV को टो किया जाता है:
पहिए घूमते हैं
मोटर शाफ्ट एक्टिव हो जाता है
रीजेनरेटिव ब्रेकिंग के कारण बिजली बनने लगती है
लेकिन अगर बैटरी पहले से खराब या डिस्चार्ज है, तो यह बिजली कहीं स्टोर नहीं हो पाती.
इससे मोटर, इन्वर्टर और इलेक्ट्रॉनिक सिस्टम पर जबरदस्त दबाव पड़ता है, जो महंगे रिपेयर का कारण बन सकता है.
मजबूरी में क्या करें?
अगर EV को एक जगह से दूसरी जगह ले जाना ही पड़े, तो:
सिर्फ फ्लैटबेड ट्रक का इस्तेमाल करें
गाड़ी को खींचकर नहीं, बल्कि ट्रक पर चढ़ाकर ले जाएं
कुछ कंपनियां (जैसे Tesla) में खास टोइंग मोड भी होता है
क्या EV को धक्का लगाया जा सकता है?
अगर गाड़ी अचानक बीच सड़क पर रुक जाए और ट्रैफिक जाम हो रहा हो, तो:
सिर्फ 50 मीटर तक
5 किमी/घंटा से कम स्पीड में
केवल सड़क के किनारे लगाने के लिए धक्का दिया जा सकता है
इससे ज्यादा धक्का देना भी सुरक्षित नहीं माना जाता.
सही तरीका क्या है?
अगर इलेक्ट्रिक कार बंद हो जाए:
तुरंत कंपनी के कस्टमर केयर को कॉल करें
रोड साइड असिस्टेंस की मदद लें
कई कंपनियां पोर्टेबल चार्जर या फ्लैटबेड रिकवरी वाहन भेजती हैं
यही सबसे सुरक्षित और समझदारी भरा विकल्प है.
एक जरूरी सलाह
सिर्फ EV ही नहीं,
पेट्रोल-डीजल ऑटोमैटिक कारों को भी खराब होने पर टो करना नुकसानदायक हो सकता है.
उनके लिए भी फ्लैटबेड ट्रक ही सही विकल्प है.

