कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले के बाद हिंदुस्तान व पाकिस्तान के आपसी संबंध बिगड़ गए है.भारत सरकार ने सख्त फैसले लिए है,जिसके तहत भारत में रह रहे सभी पाकिस्तानी नागरिकों को भारत छोड़ना पड़ेगा.इस फैसले से भारत में रह रहे पाकिस्तानी नागरिकों के साथ पाक विस्थापित हिन्दु शरणार्थी भी चिंतित है.जैसलमेर के मुलसागर गाँव के पास बसी शरणार्थी बस्ती ” एकलव्य भील बस्ती” में कई ऐसे पाकिस्तानी हिन्दु शरणार्थी है जो हाल ही में शॉर्ट टर्म विजा पर भारत आए है.अब पहलगाम में हुए आतंकी हमले के बाद सरकार का रुख सख्त है.हालांकि लोग टर्म विजा पर रह रहे शरणार्थियों के बारे में अब तक कोई गाइडलाइन्स नही आई है.लेकिन शॉर्ट टर्म विजा पर आए शरणार्थियो के आँखों में डर व आंसु साफ दिखाई दे रहे है.आंकड़ों की बात करे तो केवल जैसलमेर में ही करीब 1200 से अधिक लोग शॉर्ट टर्म विजा पर आए हुए है.लेकिन अब उन पर मानो दुःखो का पहाड़ टूट पड़ा है.हमारी टीम जब जैसलमेर के पाक विस्थापित बस्ती पहुंची तो वंहा कई ऐसे परिवार मिले जो पहलगाम हमले वाले दिन ही सुबह अटारी बॉर्डर पार के भारत आए है.पाकिस्तान से शॉर्ट टर्म विजा पर भारत आए खेतोराम बताते है कि वो पाकिस्तान के सिंध के घोटकी में रहते थे.वंहा से प्रताड़ना झेलने के बाद परेशान होकर अपने परिवार के साथ इसी सप्ताह भारत आए है.खेतोराम के परिवार में उनकी पत्नी हुरमत,बड़ा बेटा अमरलाल और छोटा बेटा अनिल कुमार 22 अप्रैल हिन्दुस्तान आए थे,तब काफी खुश थे.फिर जब आतंकी हमले की खबर मिली तो काफी गुस्सा थे और अब उन्हे वापिस जाने का डर सता रहा है.उनका कहना है कि भारत में मरना मंजूर है,लेकिन पाकिस्तान जैसे नरक में जाना मंजूर नही है.उन्होंने केंद्र सरकार,प्रधानमंत्री व ग्रहमंत्री से राहत की गुहार लगाई है.उनका कहना है कि उनका पुरा परिवार पहले ही आ गया था.अब वो सब कुछ बेचकर भारत आए थे।जैसलमेर की एकलव्य बस्ती में करीब 4 – 5 परिवार ऐसे है जो शॉर्ट टर्म विजा पर इस सप्ताह ही पाकिस्तान से बॉर्डर पार कर अपने वतन पहुँचे थे और काफी खुश थे.लेकिन उनकी खुशियों को नजर लग चुकी है.पाकिस्तान में सिंध के घोटकी के नूर हसन शाह गांव से आया बालम का परिवार काफी चिंतित है.बालम के परिवार में उनकी पत्नी सहनाज व गोद में खेलता छोटा सा बेटा वीर है.सहनाज व उनके परिवार ने पाकिस्तानी वापसी से साफ इंकार कर दिया है,उनका कहना है कि मरना कबूल है परन्तु पाकिस्तान जाना नही….इसकी वजह है वंहा होने वाले धार्मिक अत्याचार व प्रताड़ना.ऐसा ही एक परिवार मनोहर का भी है,मनोहर पाकिस्तान से कुछ दिन पूर्व अपने परिवार के सात सदस्यों के साथ भारत आया है,उनका कहना है कि जब कश्मीर में आंतकी धर्म पूछकर हिन्दुओ कों गोली मार रहे है तो पाकिस्तान तो पराया मुल्क है.वंहा हमें कैसे बक्स देंगे.सरकार से मांग है कि हमने वापस पाकिस्तान ना भेजा जाए.हम अपने वतन में रहना चाहते है…..कम से कम हमारी मौत के बाद अस्तिया तो हरिद्वार में गंगा में बहा दी जाएगी.जैसलमेर में पाकिस्तान से आए कई हिंदू परिवार अल्पकालिक वीजा पर भारत में रह रहे हैं.इनका कहना है कि वे धार्मिक उत्पीड़न से भागकर भारत आए थे और अब वापस भेजा जाना उनके लिए खतरा बन सकता है.इस संबध में राज्य सभा सांसद व पूर्व मंत्री राजेंद्र गहलोत ने हिन्दु शरणार्थी की सुध लेते हुए कहा कि हिन्दुओं को हिन्दुस्तान के अलावा कही शरण नही मिल सकती है.पाकिस्तान में अत्याचार व उत्पीड़न झेलकर आए हिन्दु शरणार्थी के संबंध में सरकार से बात करूंगा. अगर हिन्दु शरणार्थी यंहा बसना चाहते है और वापिस नही जाना चाहते है,ऐसे में राजस्थान सरकार व केंद्र सरकार से बात करके उनके लिए छूट दिलवाने की कोशिश करूंगा.जो हिन्दु है उसके बारे में जानकारी लेंगे और इस संबध में केंद्र गृह मंत्री से बात करूंगा.पाकिस्तान से आए हिंदू वंहा हिन्दु बनकर रहे इसलिए ही उत्पीड़न झेलना पड़ा,उनका कहना है कि उनकी मौत भी हो तो इस धरती पर हो और अस्थियां गंगा में बहे…..ऐसी भावना रखने वाले हिन्दु शरणार्थियों के लिए में सरकार से मांग करूंगा कि उन्हे 27 अप्रैल की समय सीमा में अतिरिक्त छूट दी जाए.उसके बाद सरकारी स्तर पर जांच करके सही पाए जाने पर उन्हे संरक्षण प्रदान किया जाए.

