ताज़ा रिपोर्ट में बड़ा खुलासा हुआ है कि भारत ने रूसी कच्चा तेल खरीदकर न केवल अपनी ऊर्जा ज़रूरतों को पूरा किया, बल्कि पूरे विश्व को तेल संकट से बचा लिया। उद्योग जगत के सूत्रों के मुताबिक, अगर भारत ने रूस से सस्ता तेल आयात नहीं किया होता, तो अंतरराष्ट्रीय बाज़ार में कच्चे तेल की कीमतें 200 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच सकती थीं। विशेषज्ञों का कहना है कि भारत के इस कदम ने न केवल वैश्विक स्तर पर महंगाई को नियंत्रित करने में मदद की, बल्कि यूरोप और एशिया के कई देशों को भी राहत दी। रूस से तेल खरीदने का यह फैसला भारत की ऊर्जा सुरक्षा और कूटनीतिक संतुलन दोनों को मजबूत करने वाला साबित हुआ है।

