दिवाली से एक दिन पहले आने वाली छोटी दिवाली या नरक चतुर्दशी का हिंदू धर्म में विशेष महत्व है। यह दिन केवल दीपदान और उत्सव का नहीं, बल्कि हनुमान जी की आराधना का भी पवित्र अवसर माना जाता है।
पौराणिक मान्यता के अनुसार, छोटी दिवाली के दिन हनुमान जी की पूजा करने से व्यक्ति को शक्ति, बुद्धि, साहस और समृद्धि की प्राप्ति होती है। यह दिन जीवन से नकारात्मक ऊर्जा को दूर करने और शुभता का स्वागत करने का प्रतीक माना जाता है।
छोटी दिवाली पर हनुमान पूजा का महत्व

कहा जाता है कि इस दिन हनुमान जी की उपासना करने से जीवन में आने वाली हर प्रकार की रुकावटें, भय और मानसिक अशांति समाप्त हो जाती है। भक्तों का आत्मविश्वास और मनोबल बढ़ता है, जिससे जीवन में सफलता के मार्ग खुलते हैं।
नरक चतुर्दशी के दिन हनुमान जी की पूजा के साथ यमराज की भी आराधना की जाती है, जिससे अकाल मृत्यु का भय समाप्त होता है।
शुभ मुहूर्त (2025 के लिए)

इस साल छोटी दिवाली यानी नरक चतुर्दशी 19 अक्टूबर 2025 (रविवार) को मनाई जाएगी।
दीपदान और पूजा का शुभ समय — रात 11:41 बजे से 12:31 बजे तक रहेगा।
इस दौरान यम दीपक जलाना और हनुमान जी की आरती करना अत्यंत शुभ माना गया है।
हनुमान जी की पूजा विधि
सुबह सूर्योदय से पहले उठकर तिल के तेल और उबटन से स्नान करें।
पूजन स्थल पर लाल कपड़ा बिछाकर हनुमान जी की मूर्ति या चित्र स्थापित करें।
सिंदूर, चोला, और चमेली के तेल का भोग लगाएं।
हनुमान चालीसा या सुंदरकांड का पाठ करें।
अंत में घर के बाहर दक्षिण दिशा की ओर मुख करके यम दीपक जलाएं — इसमें सरसों का तेल और चार बत्तियाँ होनी चाहिए।
आध्यात्मिक लाभ
घर में नकारात्मक ऊर्जा समाप्त होती है
साहस और आत्मबल में वृद्धि होती है
अकाल मृत्यु और बाधाओं से रक्षा होती है
जीवन में सुख, शांति और समृद्धि का आगमन होता है
इस प्रकार, छोटी दिवाली का दिन केवल दीपों का पर्व नहीं बल्कि हनुमान भक्ति और आध्यात्मिक शुद्धि का भी प्रतीक है।
इस वर्ष हनुमान जी की पूजा विधि का पालन करके आप अपने घर में सकारात्मक ऊर्जा और मंगलमय वातावरण बना सकते हैं।
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