दिल्लीवासियों के लिए चिंता बढ़ाने वाली खबर है। यमुना नदी का जलस्तर सोमवार देर रात खतरे के निशान को पार कर गया। हरियाणा के हथनीकुंड बैराज और दिल्ली के वजीराबाद बैराज से लाखों क्यूसेक पानी छोड़े जाने के कारण नदी का प्रवाह तेज हो गया है। रात 10 बजे के आसपास लोहे के पुल पर जलस्तर 205.73 मीटर दर्ज किया गया, जबकि खतरे की सीमा 205.33 मीटर है। इससे यमुना बाजार, मजनूं का टीला और कश्मीरी गेट के आसपास के कई निचले इलाकों में पानी भरना शुरू हो गया है। घरों और गलियों में पानी घुस जाने के कारण लोग अपने सामान पैक कर सुरक्षित जगहों की ओर पलायन कर रहे हैं। प्रशासन ने राहत और बचाव कार्य के लिए टीमें तैनात कर दी हैं। एनडीआरएफ और सिविल डिफेंस के जवान लगातार प्रभावित इलाकों का दौरा कर रहे हैं और लोगों से अपील की जा रही है कि वह नदी के किनारे न जाएं। फिलहाल यमुना का जलस्तर बढ़ने की आशंका बनी हुई है क्योंकि अपस्ट्रीम बैराजों से और पानी छोड़ा जा सकता है।

