राजस्थान के नागौर जिले की खींवसर पंचायत समिति की बैठक उस समय हिंसा में बदल गई जब उप-प्रधान रामसिंह बागड़िया और सरपंच संघ अध्यक्ष जगदीश बिडियासर के बीच विवाद बढ़ते-बढ़ते मारपीट तक पहुंच गया। इस संघर्ष में उप-प्रधान का सिर फूट गया और दोनों पक्षों ने एक-दूसरे पर गंभीर आरोप लगाए। दरअसल यहां बैठक करीब दोपहर 12:30 बजे शुरू हुई, जहां उप-प्रधान रामसिंह विधायक के लिए आरक्षित कुर्सी पर जा बैठे। लेकिन गार्ड की ओर से कुर्सी हटाए जाने पर विवाद ने जोर पकड़ लिया.इस बीच प्रधान सीमा बिडियासर ने जब टोका तो बहस ने हाथापाई का रूप ले लिया। हॉल एक झटके में ‘रिंग’ बन गया और सिर फूटने तक नौबत आ गई। पुलिस अधीक्षक नारायण टोगस ने जानकारी दी कि दोनों पक्षों की ओर से एफआईआर दर्ज कराई गई है। उप-प्रधान ने आरोप लगाया कि उन पर चाकू से हमला किया गया और गालियां दी गईं, जबकि प्रधान सीमा बिडियासर ने पलटवार में उप-प्रधान पर अभद्र भाषा और गंभीर धमकी देने का आरोप लगाया। इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हुआ। नागौर सांसद हनुमान बेनीवाल ने पुलिस की मौजूदगी में मारपीट को शर्मनाक बताया और कार्रवाई न होने पर थाने का घेराव करने की चेतावनी दी। उन्होंने मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा से भी तत्काल संज्ञान लेने की मांग की। वही खींवसर विधायक रेवंतराम डांगा ने इसे शर्मनाक करार देते हुए कहा कि जनप्रतिनिधियों से जनता विकास की उम्मीद करती है, न कि हिंसक सियासत की। स्थानीय लोग सवाल उठा रहे हैं—क्या यह महज़ कुर्सी की लड़ाई है, या गांव की सत्ता पर वर्चस्व का संग्राम?

