देश में बढ़ती बिजली की मांग और महंगाई के बीच आम उपभोक्ताओं के लिए एक बड़ी राहत की खबर आई है। अब किराएदार, फ्लैट या अपार्टमेंट में रहने वाले लोग भी सोलर एनर्जी का फायदा उठा सकेंगे। बिजली विनियामक आयोग ने इस संबंध में नया फैसला सुनाया है, जिससे अब बिना खुद की छत के भी सोलर पैनल से फ्री बिजली का लाभ मिल सकेगा।

अब हर नागरिक सोलर मिशन में जुड़ सकेगा
पहले तक केवल वे लोग सोलर पैनल लगवा पाते थे जिनके पास अपनी छत या स्वतंत्र मकान होता था। लेकिन अब ‘कम्युनिटी सोलर मॉडल’ और ‘वर्चुअल नेट मीटरिंग सिस्टम’ की मंजूरी के बाद,
किराएदार,
फ्लैट मालिक,
और अपार्टमेंट में रहने वाले लोग भी
साझा तौर पर सोलर एनर्जी प्रोजेक्ट का हिस्सा बन सकेंगे।
इस योजना के तहत, किसी साझा स्थान (जैसे सोसाइटी की छत, या सरकारी भवन की छत) पर सोलर पैनल लगाए जा सकते हैं। वहां से उत्पादित बिजली का हिस्सा संबंधित उपभोक्ता के बिजली बिल में एडजस्ट कर दिया जाएगा।
कैसे मिलेगा फायदा
बिजली कंपनियों द्वारा ‘वर्चुअल नेट मीटरिंग’ के तहत यह सुविधा दी जाएगी।
यानी, उपभोक्ता की छत पर नहीं, बल्कि कहीं और लगे सोलर पैनल से भी बिजली बिल में राहत मिलेगी।
- जो बिजली उपयोग नहीं होगी, वह ग्रिड में जाएगी और उसके बदले में क्रेडिट (राशि में समायोजन) दिया जाएगा।

किराएदारों और फ्लैट वालों को भी मिलेगा सोलर एनर्जी का फायदा
पर्यावरण और जेब दोनों को फायदा
ऊर्जा विशेषज्ञों के मुताबिक, इस फैसले से न सिर्फ आम जनता को बिजली बिल में राहत मिलेगी, बल्कि यह ग्रीन एनर्जी को बढ़ावा देने वाला कदम भी है।
भारत में 2030 तक नेट-जीरो एमिशन टारगेट हासिल करने की दिशा में यह एक बड़ा कदम माना जा रहा है।

सरकार का लक्ष्य
केंद्र सरकार ने ‘सूर्य गृह योजना’ के तहत हर वर्ग के लोगों तक सोलर एनर्जी पहुंचाने का लक्ष्य रखा है। इस फैसले से अब किराएदारों और फ्लैट रहने वालों की भी भागीदारी सुनिश्चित होगी।
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