लद्दाख में हाल ही में हुई हिंसा ने प्रशासन और सुरक्षा एजेंसियों की चिंता बढ़ा दी है। लेह हिंसा के दौरान घायल हुए युवाओं में कुछ नेपाली और कश्मीर के डोडा के लोग भी शामिल हैं। यह खुलासा लेफ्टिनेंट गवर्नर कविंदर गुप्ता ने किया।
गुप्ता ने कहा कि हिंसा को साजिशन प्रायोजित किया गया हो सकता है, ताकि लद्दाख में तनाव फैलाया जा सके।
घायलों का विवरण
घायलों में सात नेपाली और कुछ कश्मीरी नागरिक शामिल हैं।
इन लोगों का स्थानीय रिकॉर्ड उपलब्ध नहीं है।
पुलिस अब विदेशी साजिश के एंगल से भी जांच कर रही है।
हिंसा में बाहरी लोगों की भूमिका का पता लगाया जा रहा है।
सोनम वांगचुक के आरोप
सोशल एक्टिविस्ट सोनम वांगचुक ने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार लद्दाख की असली समस्याओं से ध्यान भटकाने के लिए उन पर हिंसा का आरोप लगा रही है। उन्होंने कहा कि सरकार पब्लिक सेफ्टी एक्ट (PFA) के तहत उन्हें गिरफ्तार कर जेल भेजने की तैयारी कर रही है।
सियासी और सुरक्षा पहलू
प्रशासन और सुरक्षा एजेंसियां इस मामले की गहन जांच कर रही हैं।
विशेषज्ञ मानते हैं कि अब जांच के निष्कर्ष से ही यह स्पष्ट होगा कि हिंसा में स्थानीय और बाहरी दोनों पक्षों की भूमिका कितनी है।
लद्दाख में हालात अभी भी संवेदनशील बने हुए हैं
यह भी देखे – https://lokmatrajasthan.com/live-tv/

