मध्यप्रदेश में महिला एवं बाल विकास विभाग में एक डिप्टी कलेक्टर की नियुक्ति को लेकर अफसरों और कर्मचारियों में नाराज़गी का माहौल बन गया है। इस असंतोष के चलते कई अधिकारी विभाग की मंत्री के सरकारी आवास पर पहुंचे और उन्हें इस मुद्दे को लेकर औपचारिक ज्ञापन सौंपा। सूत्रों के मुताबिक, अफसरों का कहना है कि उक्त अधिकारी की कार्यशैली और प्रशासनिक अनुभव विभाग की ज़रूरतों के अनुकूल नहीं है। उनका मानना है कि इस नियुक्ति से विभागीय कार्यों में व्यावसायिकता और समन्वय प्रभावित हो सकता है। ज्ञापन में यह भी कहा गया है कि यह पोस्टिंग नियमों और विभागीय प्राथमिकताओं को दरकिनार करके की गई है। इस विरोध का राजनीतिक रंग भी पकड़ना शुरू हो गया है, क्योंकि यह मामला सीधे महिला एवं बाल विकास विभाग की कार्यप्रणाली से जुड़ा है, जो संवेदनशील और नीतिगत रूप से अहम माना जाता है। विरोध जताने वालों का कहना है कि यदि यह निर्णय वापस नहीं लिया गया, तो वे आगे और बड़ा विरोध प्रदर्शन करेंगे।

