प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरुवार को दिल्ली में आयोजित एमएस स्वामीनाथन शताब्दी अंतर्राष्ट्रीय सम्मेलन में किसानों को लेकर एक बड़ा और निर्णायक बयान दिया। उन्होंने अपने भाषण में स्पष्ट किया कि भारत सरकार देश के अन्नदाताओं – किसानों, पशुपालकों और मछुआरों – के हितों से कभी समझौता नहीं करेगी।
PM मोदी ने कहा:
“मैं जानता हूं कि व्यक्तिगत रूप से मुझे बहुत बड़ी कीमत चुकानी पड़ सकती है, लेकिन मैं इसके लिए पूरी तरह तैयार हूं। मेरे देश के किसानों, मछुआरों और पशुपालकों के लिए भारत किसी भी दबाव के आगे नहीं झुकेगा।”
प्रधानमंत्री का यह बयान ऐसे समय में आया है जब कृषि सुधारों और किसानों से जुड़े मुद्दों को लेकर देश में लंबे समय से चर्चाएं चल रही हैं। यह बयान स्पष्ट रूप से दर्शाता है कि केंद्र सरकार किसानों के हितों को सर्वोच्च प्राथमिकता दे रही है।
उन्होंने यह भी कहा कि एमएस स्वामीनाथन जी का योगदान भारतीय कृषि में ऐतिहासिक रहा है और उनकी सोच ने देश की खाद्य सुरक्षा को एक नई दिशा दी। उनकी स्मृति में यह सम्मेलन आयोजित कर, देश उनके आदर्शों को आगे बढ़ा रहा है।

