छत्तीसगढ़ के रायपुर जिले के ऋषभदेव थाना क्षेत्र में राष्ट्रीय पक्षी मोर के शिकार का सनसनीखेज मामला सामने आया है। इस मामले में कांग्रेस के ब्लॉक अध्यक्ष रूपलाल, हिस्ट्रीशीटर अर्जुन मीणा और राकेश मीणा को दो दिन की पुलिस रिमांड पूरी होने के बाद बुधवार को न्यायालय में पेश किया गया। कोर्ट ने तीनों को न्यायिक हिरासत में जेल भेजने का आदेश दिया।
ऋषभदेव थानाधिकारी हेमंत अहारी ने बताया कि रिमांड के दौरान आरोपियों से गहन पूछताछ की गई। जांच में आरोपियों की निशानदेही पर जंगल से मोर के पैर और पंख बरामद किए गए। आरोपियों का दावा है कि यह उनका पहला शिकार था, लेकिन पुलिस इस दावे पर संदेह जता रही है और जांच कर रही है कि क्या इससे पहले भी वे इस तरह की गतिविधियों में शामिल रहे हैं।
घटना 21 दिसंबर की है, जब बीलख गांव में रूपलाल के खेत में नॉनवेज पार्टी की तैयारी चल रही थी। आरोपियों ने खेत में बने कमरे में मोर का मांस पकाने की तैयारी की थी। इस दौरान मुखबिर से सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और तीनों को रंगे हाथों गिरफ्तार किया।
पुलिस ने बताया कि हिस्ट्रीशीटर अर्जुन मीणा के खिलाफ 50 से अधिक आपराधिक मामले दर्ज हैं, जिनमें से 16 से ज्यादा राजस्थान में हैं। वन विभाग की टीम ने घटनास्थल का निरीक्षण किया और मोर के शिकार की पुष्टि की। मौके से सैंपल लेकर जांच के लिए भेजे गए हैं।
इस मामले में वन्यजीव संरक्षण अधिनियम के तहत कार्रवाई की जा रही है, और पुलिस व वन विभाग मिलकर जांच में जुटे हुए हैं। घटना के बाद जंगल और आसपास के इलाकों में निगरानी बढ़ा दी गई है।

