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राजस्थान की बेटियां करेंगी बल्ले से कमाल — 10,000 स्कूलों में गूंजेगा ‘खेलो बेटी’ का नारा

राजस्थान की धरती पर खेल और नारी शक्ति का संगम देखने को मिलेगा। राजस्थान स्पोर्ट्स काउंसिल ने एक ऐतिहासिक पहल की घोषणा की है, जिसके तहत राज्य के 10,000 स्कूलों की एक लाख बेटियां क्रिकेट के मैदान पर जलवा बिखेरेंगी। यह आयोजन स्वामी विवेकानंद जयंती के अवसर पर एक भव्य क्रिकेट महाकुंभ के रूप में मनाया जाएगा।

सेमीफाइनल मुकाबले जयपुर के एसएमएस स्टेडियम में और फाइनल मैच नाथद्वारा के मिराज स्टेडियम में खेले जाएंगे।


राज्य स्तर पर बेटियों के खेल कौशल का प्रदर्शन

राजस्थान क्रिकेट एसोसिएशन (RCA) के कंवीनर दीनदयाल कुमावत ने बताया कि यह आयोजन राज्य खेल परिषद और शिक्षा विभाग के सहयोग से किया जाएगा।
उन्होंने कहा कि महोत्सव की शुरुआत गांव स्तर से होगी, जहां बेटियां स्थानीय टीमों के रूप में भाग लेंगी। चयनित टीमें जिला, संभाग और फिर राज्य स्तर तक पहुँचेंगी।

कुमावत के अनुसार, राज्य स्तर पर आयोजन की जिम्मेदारी RCA और स्पोर्ट्स काउंसिल के पास होगी। सभी मैच स्पोर्ट्स काउंसिल के मैदानों पर खेले जाएंगे ताकि खिलाड़ियों को बेहतर सुविधाएं और सुरक्षित वातावरण मिल सके।


खेल के साथ महिला सशक्तिकरण का संदेश

कुमावत ने बताया कि इस आयोजन में बेटियों की सुरक्षा और सुविधा का विशेष ध्यान रखा जाएगा। सभी खिलाड़ियों को सर्वोत्तम खेल माहौल और आवश्यक सुविधाएं प्रदान की जाएंगी।
यह आयोजन सिर्फ एक खेल प्रतियोगिता नहीं, बल्कि ‘बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ’ जैसे अभियानों को नई ऊर्जा देने वाला सामाजिक आंदोलन भी है।


भारत की बेटियां खेल जगत में बना रहीं पहचान

जहां पुरुष क्रिकेट लंबे समय से सुर्खियों में है, वहीं अब भारत की बेटियां भी अपने बल्ले और जज़्बे से देश का नाम रोशन कर रही हैं।
राजस्थान में यह अनोखी पहल महिला क्रिकेट को नई पहचान देने की दिशा में एक बड़ा कदम साबित होगी।


मुख्य बातें एक नज़र में

  • 10,000 स्कूलों की 1 लाख बेटियां खेलेंगी क्रिकेट

  • आयोजन की शुरुआत गांव स्तर से होगी

  • सेमीफाइनल जयपुर के एसएमएस स्टेडियम में

  • फाइनल नाथद्वारा के मिराज स्टेडियम में

  • सहयोग: राजस्थान स्पोर्ट्स काउंसिल + शिक्षा विभाग + RCA

  • उद्देश्य: महिला सशक्तिकरण और खेल प्रतिभा को मंच देना